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पंजाब विधानसभा में सात विधेयक सर्वसम्मति से पारित, 10 साल बाद नई श्रम दरें भी जारी

Fri, 28 Aug 2020 10:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 28 Aug 2020 10:57 PM IST
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Punjab assembly session News: Seven bills passed in Punjab assembly
पंजाब विधानसभा सत्र। - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामारी के बीच पंजाब विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में सर्वसम्मति से सात विधेयक पारित कर दिए गए। 

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नई श्रम दरें जारी, हरित भवन का नया अध्याय जुड़ा
दस साल बाद पंजाब में नई श्रम दरें जारी की गई हैं। नई दरों में पहली बार हरित भवन का एक नया अध्याय जोड़ा गया है। पंजाब में 1962 में पहली श्रम दरें लागू की गई थीं। इसके बाद 1987 और 2010 में संशोधन किया गया था। राज्य में नई दरों को जारी करने के दौरान लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि इन नई श्रम दरों से वित्तीय तौर पर श्रमिक को मजबूती मिलेगी।
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विभागीय मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण पैदा हुई स्थिति में अचानक आए आर्थिक संकट के बावजूद राज्य सरकार सूबे के विकास के लिए जोर-शोर से काम कर रही है। इसके अलावा नई दरें तैयार करते समय मजदूरों को वित्तीय तौर पर अपने पैरों पर खड़ा करने पर भी खास तौर पर विचार किया गया। 
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प्रमुख सचिव विकास प्रताप ने बताया कि नई दरें मौजूदा और भविष्य की जरूरतों, प्रौद्योगिकी के विकास और जीएसटी लागू होने के कारण संशोधित हुए टैक्स ढांचे को ध्यान में रखकर बनाई गईं हैं। इसके अलावा ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के क्षेत्र में विकास के लिए नई प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखते हुए इस बार ‘ग्रीन बिल्डिंग्ज’ का एक नया अध्याय भी इन दरों में जोड़ा गया है। 

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श्री गुरु तेग बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ पंजाब बिल 2020

पंजाब विधानसभा ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में तरनतारन में श्री गुरु तेग बहादुर जी यूनिवर्सिटी आफ लॉ की स्थापना संबंधी बिल पारित कर दिया। सदन में उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने श्री गुरु तेग बहादुर जी स्टेट यूनिवर्सिटी आफ लॉ पंजाब बिल 2020 पेश किया। 

उन्होंने बिल के बारे में कहा- कानूनी शिक्षा के विकास और उन्नति व कानून के क्षेत्र और संबंधित मामलों के लिए विशेष और योजनाबद्ध निर्देश, अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्यों के साथ एक स्टेट यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य सभी स्तरों पर व्यापक कानूनी-शिक्षा प्रदान करना व इसका विकास करना, उन्नत अध्ययन करना, कानून की सभी शाखाओं में अनुसंधान को उत्साहित करना, कानूनी ज्ञान, कानूनी प्रक्रियाओं का प्रसार करना और भाषणों, सेमिनार, सिम्पोजिया, वेबिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंसों का आयोजन कर राष्ट्रीय विकास में इनकी भूमिका को दिखाना होगा।

पंजाब गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (अस्थायी रिहाई) संशोधन बिल, 2020
सदन ने सर्वसम्मति से पंजाब गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (अस्थायी रिहाई) संशोधन बिल, 2020 को भी मंजूरी दे दी। बिल पेश करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि इसे अमलीजामा पहनाने से संकटकालीन समय, महामारियों और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान पैरोल के समय में विस्तार करने का रास्ता खुलेगा। 

यह कानून लेकर आने के पीछे तर्क यह है कि जेल विभाग को ऐसे कदम उठाने के योग्य बनाया जाए, जिससे जेलों को भीड़ मुक्त करने के साथ-साथ कोविड मुक्त रखना भी यकीनी बनाया जाए। क्योंकि पैरोल/अंतरिम जमानत पर रिहा हुए बंदी, जो राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों या राज्य से बाहर रह रहे हैं, के दोबारा जेल में आने से बाकी कैदियों में कोविड-19 संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ेगा। 

पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन (दूसरा संशोधन) बिल, 2020
विधानसभा ने पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन (दूसरा संशोधन) बिल, 2020 को भी पास कर दिया है। यह बिल पेश करते हुए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि कोविड-19 के कारण राज्य सरकार के स्रोतों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके मद्देनजर भारत सरकार ने साल 2020-21 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.0 प्रतिशत तक का अतिरिक्त कर्ज लेने की सीमा बढ़ाकर राहत दी है। इसमें कुछ विशेष राज्य स्तरीय सुधार लागू किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य राज्य सरकार के स्रोतों को मजबूती प्रदान करना है। 

पंजाब सरकार को साल 2020-21 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.0 प्रतिशत तक का अतिरिक्त कर्ज लेने की छूट मिली है, जो 12130.00 करोड़ रुपये बनती है। यह राज्य की अधिक से अधिक कर्ज लेने की हद जो जीएसडीपी का 3 प्रतिशत है, से अलग होगी। हालांकि, कर्ज लेने की सीमा में ढील 0.5 प्रतिशत तक शर्त रहित है और बाकी 1.5 प्रतिशत पर ढील ‘एक देश एक राशन कार्ड’ प्रणाली लागू करने, कारोबार में सुधार की सुविधा, शहरी स्थानीय संस्था/सुविधा सुधार और पावर सेक्टर जैसे सुधारों को लागू करने की शर्त पर है। 

पंजाब क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) बिल-2020

विधानसभा ने पंजाब क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) बिल-2020 को भी मंजूरी दे दी है। बिल पेश करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि इस समय पंजाब में निजी क्लीनिकल संस्थाओं को रजिस्टर करने या इसे नियमित करने के लिए कोई कानून नहीं है। 

इस कानून का उद्देश्य क्लीनिक संस्थाओं को नियमित करना है, जिससे उनके कामकाज में पारदर्शिता को यकीनी बनाया जा सके। इसका उद्देश्य सार्वजनिक इलाज व्यवस्था की गुणवत्ता बढ़ाना, मरीजों से ज्यादा फीस वसूली को रोकने के अलावा फिजिकल मापदंड, मेडिकल मापदंड, अमले के नियम, रिकॉर्ड का रखरखाव और रिपोर्टिंग आदि संबंधी शर्तें तय करना है। इसे कानूनी रूप मिलने से ऐसी संस्थाएं प्राकृतिक आपदाओं और महामारी के समय राज्य का समर्थन करेंगी।

कांट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलीशन) (पंजाब संशोधन) बिल, 2020
विधानसभा ने कांट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलीशन) (पंजाब संशोधन) बिल, 2020 को भी मंजूरी दे दी है। बिल पेश करते हुए पंजाब के श्रम मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि अपेक्षित संशोधन में नियमों में वर्करों की संख्या बढ़ाने के लिए 20 से 50 तक कांट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) एक्ट, 1970 की धारा 1 की उप धारा (4) की उप-धारा (ए) और (बी) में अपेक्षित संशोधन की प्रस्तावना दी गई है। 

इंडस्ट्रियल डिसप्यूट (पंजाब संशोधन) बिल, 2020

सदन द्वारा इंडस्ट्रियल डिसप्यूट (पंजाब संशोधन) बिल, 2020 को भी मंजूरी दी गई। बिल पेश करते हुए श्रम मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि बिल में चैप्टर 5-बी के अंतर्गत कामगारों की मौजूदा लागू सीमा को 100 से बढ़ाकर 300 करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अब संस्थाओं के बंद होने या नौकरी से निकाले जाने की सूरत में कामगार तीन महीने का अतिरिक्त वेतन लेने के योग्य हो जाएंगे। 

पंजाब वस्तुएं और सेवा टैक्स (दूसरा संशोधन) बिल, 2020
इस दौरान सदन द्वारा पंजाब वस्तुएं और सेवा टैक्स (दूसरा संशोधन) बिल, 2020 भी पास किया गया। बिल पेश करते हुए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि बिल में टैक्स वसूलने और एकत्रित करने के लिए बदलाव करने का विचार किया गया है, जो करदाताओं के लिए असरदार और आसान होगा। इस सरल प्रक्रिया में कम्पोजीशन के लिए (टैक्स), इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के लिए योग्यता और शर्त, रजिस्ट्रेशन रद्द करने, टैक्स चालान, स्रोत पर टैक्स कटौती, कुछ अपराध के लिए जुर्माना और सजा और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए अस्थायी प्रबंधों से संबंधित व्यवस्था शामिल हैं।

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