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ईडी की कार्रवाई का विरोध : पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पास, सुखपाल खैरा के ठिकानों पर पड़े थे छापे
Wed, 10 Mar 2021 08:41 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 10 Mar 2021 08:41 PM IST
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विधायक सुखपाल सिंह खैरा।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से मौजूदा बजट सत्र के दौरान विधायक सुखपाल सिंह खैरा के घर पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के छापे को असांविधानिक और अनुचित करार दिया और सदन में निंदा प्रस्ताव पारित किया।
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संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन ने किसानों, राजनीतिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों और यहां तक कि कुछ अन्य अधिकारियों सहित निर्दोष लोगों को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों जैसे सीबीआई, ईडी, एनआईए आदि के उपयोग के खिलाफ एक स्वर में अपनी चिंता व्यक्त की है।
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विधानसभा सत्र के दौरान इस सदन के सदस्य सुखपाल सिंह खैरा को सदन की कार्यवाही से गैरहाजिर रहने के लिए बाध्य किया गया है और उन्हें अपने सांविधानिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए अक्षम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अनुचित और असांविधानिक हस्तक्षेप के कारण एक निर्वाचित प्रतिनिधि अपने निर्वाचन क्षेत्र का सदन में प्रतिनिधित्व करने के अधिकार से वंचित हो गए। केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई निंदनीय है।
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इससे पहले, बुधवार को सदन में शून्यकाल के दौरान सुखपाल खैरा के आवास पर ईडी के छापों का मुद्दा फिर से उठा। सदन में मौजूद रहे सुखपाल खैरा ने कहा कि ईडी की उनके खिलाफ कार्रवाई का मुख्य कारण है कि वे तीन कृषि कानूनों का खुलकर विरोध करते हैं और किसानों के आंदोलन का पक्ष ले रहे हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें डराने के लिए अपनी एजेंसी का इस्तेमाल किया है।