Punjab Assembly Session: सत्र के अंतिम दिन पंजाब जीएसटी संशोधन बिल और फायर एंड इमरजेंसी बिल पास
मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन द पंजाब एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट-2024 पर बिल सर्वसम्मति से पास किया गया। अब पंजाब में 14 हजार अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट नियमित हो सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन चार संशोधन बिल सर्वसम्मति से पास किए गए। इनमें पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स संशोधन बिल, पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज संशोधन बिल, पंजाब पंचायती राज संशोधन बिल और पंजाब खेतीबाड़ी उत्पाद मंडियां संशोधन बिल शामिल हैं।
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने सदन में पंजाब वस्तु एवं सेवा कर संशोधन एक्ट पर बिल पेश किया। सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। चीमा ने कहा सरकार के कामकाज में सामने आया है कि वर्ष 2017 से 2022 तक जिन भी व्यापारियों ने गलत रिटर्न फाइल की है या फिर रिटर्न फाइल नहीं की है, उन्हें इस संशोधन के साथ एक मौका दिया जा रहा है कि वह 31 मार्च, 2025 तक अपना बकाया जमा करा दें। अब सेक्शन-74 ए में संशोधन के तहत उन पर लगे जुर्माना और ब्याज को माफ कर दिया जाएगा। वहीं, जीएसटी बिल पर चर्चा के दौरान सीएम मान ने जवाब देते हुए उद्योगपतियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर कहा कि जल्द ही सरकार इंडस्टि्रयल एडवाइजरी कमीशन का गठन करेगी।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर संशोधन एक्ट पर बिल पर चर्चा के दौरान चीमा ने कहा कि एक्ट के सेक्शन-9 में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं। इसमें एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) के इस्तेमाल नियमों में बदलाव किया गया है। एक्ट में संशोधन के तहत जो ईएनए शराब में इस्तेमाल होता है, उसे जीएसटी के दायरे से बाहर किया गया है। जो ईएनए उद्योगों में इस्तेमाल होता है, केवल उस पर ही जीएसटी लगेगा। शराब बनाने में जो ईएनए इस्तेमाल होता है, उस पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) लगेगा। जिन टैक्स पेयर ने 30 नवंबर, 2021 तक अपना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम नहीं किया है, इस संशोधन से वह अपना आईटीसी ले सकेंगे। इसके अलावा एक्ट के सेक्शन-70 के तहत भी संशोधन किया गया है। अब कोई भी व्यापारी या कंपनी अपने चार्टेड अकाउंटेंट, लीगल री-प्रेजेंटेटिव या कंपनी के अन्य पदाधिकारी के जरिये संबंधित अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे।
बिना पार्टी चिह्न के होंगे पंचायत चुनाव, सर्वसम्मति पर मिलेंगे पांच लाख
पंचायत मंत्री लालजीत भुल्लर ने सदन में द पंजाब पंचायती राज संशोधन बिल पेश किया। इस पर सीएम मान ने कहा कि अब बिना पार्टी सिंबल के पंचायत चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि जो भी गांव सर्वसम्मति से पंचायतें चुनेंगे, उन्हें पांच लाख रुपये नकदी इनाम और स्टेडियम, स्कूल व कॉलेज और अस्पताल का प्राथमिकता के आधार पर नया प्रोजेक्ट दिया जाएगा। इस पर कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने जब सवाल किया कि चुनाव कब तक होंगे। उस पर सीएम मान ने बिल पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत, जिला परिषद के चुनाव कराए जाएंगे।
फायर ब्रिगेड में महिलाओं के भर्ती नियम बदले
स्थानीय सरकार मंत्री बलकार सिंह ने सदन में पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज बिल पेश किया। सीएम मान ने कहा कि वह एक बार डेराबस्सी किसी सरकारी कार्यक्रम में गए थे, वहां तीन से चार युवतियों मिलीं, जिन्होंने बताया कि उन्होंने फायर ब्रिगेड की भर्ती का पेपर दिया था। लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन वह फिजिकल टेस्ट पास नहीं कर सकीं, क्योंकि पुरुष के साथ महिला अभ्यार्थियों को भी 60 किलो वजन लेकर दौड़ना था। इस पर सीएम ने कहा कि जब ओलंपिक के खेलों में पुरुषों और महिलाओं के टारगेट व खिताब अलग हो सकते हैं, तो भर्ती के नियम एक जैसे कैसे हो सकते हैं। सीएम ने कहा कि पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज बिल के जरिए अब महिलाओं को अब 40 किलो वजन का शारीरिक क्षमता परीक्षा पास करनी होगी।
मार्केट कमेटी के पुनर्गठन के लिए समय अवधि बढ़ाई
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सदन में पंजाब खेतीबाड़ी उत्पाद मंडी संशोधन बिल पेश किया। बिल पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री खुड्डियां ने प्रदेश की मार्केट कमेटियों के पुनर्गठन के लिए 26 जुलाई 2025 तक की समय अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 62 मार्किट कमेटी के चेयरमैन नियुक्त किए जा चुके हैं, 94 कमेटियों के चेयरमैन नियुक्त किए जाने बाकी हैं। मार्केट कमेटियों का जब तक पुनर्गठन नहीं किया जाता है, तब तक इनका कामकाज मार्केट प्रबंधक की ओर से संभाला जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि जल्द ही सरकार इंडस्टि्रयल एडवाइजरी कमीशन का गठन करेगा, जो कि उद्योगपतियों से जुड़े मुद्दों और उनकी समस्याओं के समाधान का काम करेगा। कमीशन के तहत 26 सब कमेटियां गठित की जाएंगी, जो अलग-अलग उद्योगों से जुड़ी होंगी। इस कमीशन के चेयरमैन को कैबिनेट का रैंक दिया जाएगा, ताकि कमीशन का चेयरमैन किसी भी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उद्योगपतियों की समस्याओं पर चर्चा और प्रस्ताव तैयार कर सके। इंडस्टि्रयल एडवाइजरी कमीशन के चेयरमैन सहित 11 सदस्य नियुक्त किए जाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री ने यह जानकारी पंजाब वस्तु एवं सेवा कर संशोधन बिल-2024 पर चर्चा के जवाब में साझा की।