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साबरमती लेक की तर्ज पर क्यों नहीं होती सुखना की सफाई: हाईकोर्ट

Wed, 11 Oct 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 Oct 2017 09:14 AM IST
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Punjab and haryana highcourt on Sukhna lake cleaness
- फोटो : फाइल फोटो
सुखना लेक की वीड और गाद की समस्या से निपटने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहमदाबाद की साबरमती झील की सफाई प्रक्रिया से सीखने की प्रशासन को सलाह दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सफाई एक निरंतर प्रोसेस है और ऐसे में इसे मैनुअल करने केस्थान पर इसके लिए मशीनों का प्रयोग किया जाना चाहिए। इस पर अगली सुनवाई के दौरान प्रशासन अपना पक्ष रखेगा।
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मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से सुखना पर जवाब मांगा। प्रशासन की ओर से कहा गया कि वे वर्तमान में कई संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं जिससे सुखना में पानी की कमी न हो। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि अक्सर जब लेक पर निरीक्षण के लिए जाते हैं तो लोग सफाई के लिए लगा दिए जाते हैं। मैनुअल तौर पर इस काम को करना व्यर्थ है। दुनिया के कई देशों में बड़ी मशीनें मौजूद हैं जो इस काम को करती हैं। इन मशीनों का इस्तेमाल रेगुलर तौर पर होता है इसलिए इनकी खरीद करने पर प्रशासन को विचार करना चाहिए।
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लेक पर लगाएं दो वाटर कुलर
इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि सुखना लेक पर पीने के पानी और टायलेट की कमी है। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए दो वाटर कूलर लगाने और अतिरिक्त टॉयलेट स्थापित करने की संभावना पर विचार करने के आदेश दिए। इसके साथ ही लेक पर स्ट्रे डॉग्स का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर प्रशासन और एमसी दोनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि कुत्तों को वहां से हटाया नहीं जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर एमिकस क्यूरी तनु बेदी को पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। 
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बिना पानी निकाले सफाई क्यों नहीं

Punjab and haryana highcourt on Sukhna lake cleaness
Sukhna Lake - फोटो : File Photo
सीवरेज प्लांट के लिए नहीं आए बिडर: हरियाणा
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि सीवरेज का पानी लेक में आ रहा है और इसे प्लांट के माध्यम से रोका जा सकता है। हरियाणा सरकार ने अपनी मजबूरी गिनवाते हुए कहा कि प्लांट लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया था परंतु एक भी बिडर सामने नहीं आया है और अब इस टेंडर को दोबारा जारी करने की तैयारी की जा रही है।

तीन चैकडैम की हुई है पहचान
सुखना में किसी भी प्रकार से पानी की कमी न हो और इसकेलिए रिजर्व में पानी मौजूद रहे इसके लिए हरियाणा सरकार तीन चैकडैम के प्रस्ताव के साथ सामने आई है। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि इन चैकडैम को लेकर आगे की संभावना और पानी एकत्रित करने के लिए आगे क्या किया जा सकता है इसपर एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर इस बारे में बेहतर पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।

बिना पानी निकाले सफाई क्यों नहीं
हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए कि वे बताएं कि ऐसे क्या माध्यम हो सकते हैं कि पानी कम होने का इंतजार किए बगैर ही लेक क ी सफाई और डीसिल्टिंग का काम पूरा किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि आज तकनीक का जमाना है और ऐसे में प्रशासन अगली सुनवाई पर इस बारे में ठोस उपाय के साथ सामने आए।
 
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