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गोशालाओं की हालत सुधारो, वरना अंजाम के लिए तैयार रहो: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Nov 2017 09:18 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि दूसरे राज्यों में गाय भेजने के लिए सरकार ने कुल 2682 मंजूरियां दी हैं, जिनके माध्यम से 16096 गोवंश को राज्य से बाहर भेजा गया है। सरकार ने कहा कि इनमें से किसी को भी कटने के लिए नहीं बल्कि कृषि, दुग्ध और ब्रीडिंग के लिए भेजा गया है।
गो तस्करी को रोकने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने यह जानकारी दी। इस दौरान याचिकाकर्ता ने गोशालाओं की बदहाल स्थिति बताने वाली फोटो कोर्ट के सामने रखी। हाईकोर्ट ने फोटो देखकर हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि हालात सुधारो वरना अंजाम के लिए तैयार रहो। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर पशुपालन विभाग के निदेशक को हाजिर रहने के भी आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने यह आदेश कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा द्वारा सौंपी गई जानकारी के बाद दिए हैं। रेणुका चोपड़ा ने कोर्ट को बताया कि राज्य के बाहर तस्करी कर गायें भेजी जा रही हैं। उन्हें दुधारू गाय के नाम पर भेजा जाता है लेकिन आगे बूचड़खानों में बेच दिया जाता है। साथ ही राज्य में दूध देने वाली गायों को तो चारा, पानी और शेड मिलता है, जबकि बैल और दूध न देने वाली गायें पानी और चारे तक को तरस रही हैं।
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गो तस्करी को रोकने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने यह जानकारी दी। इस दौरान याचिकाकर्ता ने गोशालाओं की बदहाल स्थिति बताने वाली फोटो कोर्ट के सामने रखी। हाईकोर्ट ने फोटो देखकर हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि हालात सुधारो वरना अंजाम के लिए तैयार रहो। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर पशुपालन विभाग के निदेशक को हाजिर रहने के भी आदेश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने यह आदेश कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा द्वारा सौंपी गई जानकारी के बाद दिए हैं। रेणुका चोपड़ा ने कोर्ट को बताया कि राज्य के बाहर तस्करी कर गायें भेजी जा रही हैं। उन्हें दुधारू गाय के नाम पर भेजा जाता है लेकिन आगे बूचड़खानों में बेच दिया जाता है। साथ ही राज्य में दूध देने वाली गायों को तो चारा, पानी और शेड मिलता है, जबकि बैल और दूध न देने वाली गायें पानी और चारे तक को तरस रही हैं।
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सरकारी आंकड़ों पर याची ने जताई आपत्ति
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
किसी गोवंश को कटने के लिए बाहर भेजने की अनुमति नहीं दी
हरियाणा सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राज्य की पॉलिसी के अनुसार किसी भी गौ वंश को कटने के लिए भेजने की अनुमति नहीं दी गई है। राज्य से बाहर भेजे गए पशुओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि कुल 2682 मंजूरियां दी गई हैं जिनके माध्यम से 16096 पशु राज्य से बाहर भेजे गए हैं। इनमें से 13 की मौत हुई है और 347 को आगे बेच दिया गया।
सरकारी आंकड़ों पर याची ने जताई आपत्ति
इन आंकड़ों पर याची ने आपत्ति जताई जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि वे अगली सुनवाई पर हलफनामा पढ़कर आएंगे फिर पता चल जाएगा आखिर सच क्या है और झूठ क्या। रेणुका चोपड़ा ने आरोप लगाया कि दुधारू गायों को दूसरे राज्यों में भेजने की अनुमति ली जाती है और वहां पर बूचड़खाने में कटने के लिए भेज दी जाती हैं। इस पर सरकार ने बताया कि राजस्थान, गुजरात, यूपी, एमपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, उड़ीसा, तमिलनाडु, बिहार, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र, झारखंड, जम्मू एवं कश्मीर आदि में गो वंश को भेजा गया है।
हरियाणा सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राज्य की पॉलिसी के अनुसार किसी भी गौ वंश को कटने के लिए भेजने की अनुमति नहीं दी गई है। राज्य से बाहर भेजे गए पशुओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि कुल 2682 मंजूरियां दी गई हैं जिनके माध्यम से 16096 पशु राज्य से बाहर भेजे गए हैं। इनमें से 13 की मौत हुई है और 347 को आगे बेच दिया गया।
सरकारी आंकड़ों पर याची ने जताई आपत्ति
इन आंकड़ों पर याची ने आपत्ति जताई जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि वे अगली सुनवाई पर हलफनामा पढ़कर आएंगे फिर पता चल जाएगा आखिर सच क्या है और झूठ क्या। रेणुका चोपड़ा ने आरोप लगाया कि दुधारू गायों को दूसरे राज्यों में भेजने की अनुमति ली जाती है और वहां पर बूचड़खाने में कटने के लिए भेज दी जाती हैं। इस पर सरकार ने बताया कि राजस्थान, गुजरात, यूपी, एमपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, उड़ीसा, तमिलनाडु, बिहार, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र, झारखंड, जम्मू एवं कश्मीर आदि में गो वंश को भेजा गया है।