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क्यों न इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने में खर्च पैसे को घोटाला मान लें: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Aug 2017 10:07 AM IST
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- फोटो : File Photo
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रनवे की रिकार्पेटिंग के लिए अक्तूबर में रोजाना 14 तथा नवंबर में 13 घंटे एयरपोर्ट को फ्लाईट के लिए बंद रखने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ एयरपोर्ट को बंद करने पर तुली हुई है तो क्यों न इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए लगे पैसे को घोटाला मानकर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दें। हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई से राय मांगी है।
मंगलवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही केंद्र सरकार ने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे की रिकार्पेटिंग के चलते अक्तूबर में शाम 3 बजे से सुबह 5 बजे तक तथा नवंबर से मार्च तक शाम 4 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट को फ्लाइट्स के लिए बंद करने की बात कही गई। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यह पहली मिसाल होगी जहां एयरपोर्ट बनने के तीन साल बाद रनवे की रिकार्पेटिंग का काम शुरू होगा। तय है की केंद्र सरकार चाहती ही नहीं है कि यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट्स उड़ान भरें। दिल्ली में बैठी अफसरशाही इसी कोशिश में लगी हुई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह करोड़ों का घोटाला है और इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। एक बार तो हाईकोर्ट ने सीबीआई के वक ील को बुला भी लिया था लेकिन केंद्र सरकार के आग्रह पर फिलहाल सीबीआई को कोई निर्देश नहीं दिए हैं। हालांकि उन्हें कहा है कि वो देखें की इस मामले में क्या किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बारे में पहले निर्णय क्यों नहीं लिया गया?
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मंगलवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही केंद्र सरकार ने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे की रिकार्पेटिंग के चलते अक्तूबर में शाम 3 बजे से सुबह 5 बजे तक तथा नवंबर से मार्च तक शाम 4 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट को फ्लाइट्स के लिए बंद करने की बात कही गई। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यह पहली मिसाल होगी जहां एयरपोर्ट बनने के तीन साल बाद रनवे की रिकार्पेटिंग का काम शुरू होगा। तय है की केंद्र सरकार चाहती ही नहीं है कि यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट्स उड़ान भरें। दिल्ली में बैठी अफसरशाही इसी कोशिश में लगी हुई है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि यह करोड़ों का घोटाला है और इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। एक बार तो हाईकोर्ट ने सीबीआई के वक ील को बुला भी लिया था लेकिन केंद्र सरकार के आग्रह पर फिलहाल सीबीआई को कोई निर्देश नहीं दिए हैं। हालांकि उन्हें कहा है कि वो देखें की इस मामले में क्या किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बारे में पहले निर्णय क्यों नहीं लिया गया?
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क्यों न किसानों को जमीन वापस दे दी जाए
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- फोटो : File Photo
क्यों न किसानों को जमीन वापस दे दी जाए
केंद्र का यह पूरा खेल समझ में आ रहा है कि वो खासतौर पर उस समय फ्लाइट्स बंद करना चाहती है जब त्योहारों का समय शुरू हो रहा है और अधिकतर लोग फ्लाइट्स लेना चाहेंगे। हाई कोर्ट ने कहा कि इससे अच्छा तो यही है की आप इस एयरपोर्ट को ताला लगाकर जमीन वापस किसानों को दे दी जाए और आगे मामले में सीबीआई जांच करे। हाईकोर्ट ने कहा कि हम तो पिछले दो साल से यही कहते आ रहे हैं लेकिन केंद्र के अधिकारी हैं कि वो कुछ करना ही नहीं चाहते। जब बैठक के आदेश दिए जाते हैं तो बताया जाता है की वो कहीं और व्यस्त हैं।
दोबारा कौन एयर लाइंस शुरू करेगी फ्लाइट्स
सरकार ने पहले ही तय कर लिया कि रिकार्पेटिंग करनी है इससे पहले जो बैठक होनी चाहिए थी वह बाद में होगी जिसका क्या मतलब रह जाएगा इसके बारे में केंद्र सरकार ने सोचा ही नहीं। क्या एक बार फ्लाइट्स बंद होने के बाद दोबारा कौन एयर लाइंस यहां से फ्लाइट्स शुरू करने को तैयार होगी। सरकार को पहले यह सोचना चाहिए था और इसके लिए ठोस इंतजाम करना चाहिए था कि रिकार्पेटिंग के कारण कितनी फ्लाइट्स और एयर लाइंस प्रभावित होंगी।
केंद्र और एयरफोर्स करें सभी एयर लाइंस के साथ वीरवार को बैठक
रनवे की रीकार्पेटिंग के चलते जो फ्लाइट्स का शेड्यूल प्रभावित होगा इसके लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो 10 अगस्त (वीरवार) को एयरफोर्स सहित अन्य सभी एयर लाइंस के साथ बैठक करें, बैठक में सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन भी शामिल होंगे। बैठक में यह तय किया जाए कि इस नए शेड्यूल के चलते यहाँ से ऑपरेट करनी वाली एयर लाइंस कैसे एडजेस्ट करती हैं और अपनी फ्लाइट्स के समय में किस तरह बदलाव कर सकती हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल और घरेलू फ्लाइट्स की संख्या में कमी न आए।
केंद्र का यह पूरा खेल समझ में आ रहा है कि वो खासतौर पर उस समय फ्लाइट्स बंद करना चाहती है जब त्योहारों का समय शुरू हो रहा है और अधिकतर लोग फ्लाइट्स लेना चाहेंगे। हाई कोर्ट ने कहा कि इससे अच्छा तो यही है की आप इस एयरपोर्ट को ताला लगाकर जमीन वापस किसानों को दे दी जाए और आगे मामले में सीबीआई जांच करे। हाईकोर्ट ने कहा कि हम तो पिछले दो साल से यही कहते आ रहे हैं लेकिन केंद्र के अधिकारी हैं कि वो कुछ करना ही नहीं चाहते। जब बैठक के आदेश दिए जाते हैं तो बताया जाता है की वो कहीं और व्यस्त हैं।
दोबारा कौन एयर लाइंस शुरू करेगी फ्लाइट्स
सरकार ने पहले ही तय कर लिया कि रिकार्पेटिंग करनी है इससे पहले जो बैठक होनी चाहिए थी वह बाद में होगी जिसका क्या मतलब रह जाएगा इसके बारे में केंद्र सरकार ने सोचा ही नहीं। क्या एक बार फ्लाइट्स बंद होने के बाद दोबारा कौन एयर लाइंस यहां से फ्लाइट्स शुरू करने को तैयार होगी। सरकार को पहले यह सोचना चाहिए था और इसके लिए ठोस इंतजाम करना चाहिए था कि रिकार्पेटिंग के कारण कितनी फ्लाइट्स और एयर लाइंस प्रभावित होंगी।
केंद्र और एयरफोर्स करें सभी एयर लाइंस के साथ वीरवार को बैठक
रनवे की रीकार्पेटिंग के चलते जो फ्लाइट्स का शेड्यूल प्रभावित होगा इसके लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो 10 अगस्त (वीरवार) को एयरफोर्स सहित अन्य सभी एयर लाइंस के साथ बैठक करें, बैठक में सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन भी शामिल होंगे। बैठक में यह तय किया जाए कि इस नए शेड्यूल के चलते यहाँ से ऑपरेट करनी वाली एयर लाइंस कैसे एडजेस्ट करती हैं और अपनी फ्लाइट्स के समय में किस तरह बदलाव कर सकती हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल और घरेलू फ्लाइट्स की संख्या में कमी न आए।