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जजों के जट सिख होने के कारण सुनवाई दूसरी बेंच को सौंपने की अपील खारिज

Thu, 09 Feb 2017 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Feb 2017 09:54 PM IST
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Punjab and haryana highcourt, Jat reservation case, haryana news
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
जाट आरक्षण मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस एसएस सरों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ही आगे इस मामले की सुनवाई करेगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बेंच के दोनों जजों के जट सिख होने के चलते इस केस को अन्य बेंच को रेफर करने की अर्जी को खारिज कर दिया है। अब मंगलवार से हरियाणा सरकार की उस अर्जी पर बहस आरंभ होगी, जिसके माध्यम से सरकार ने याचिका लंबित रहते आरक्षण पर लगी रोक हटाने की अपील की थी।
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हरियाणा में जाटों सहित छह जातियों को आरक्षण के हरियाणा सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यादव महासभा ने अर्जी दाखिल कर बेंच के दोनों जजों के जटसिख होने की बात कही थी। सभा की ओर से कोर्ट में कहा गया कि आरक्षण का लाभ उस जाति को भी दिया जा रहा है, जिससे दोनों जज जुड़े हैं। ऐसे में फैसला प्रभावित होने की आशंका के चलते सुनवाई किसी दूसरे बेंच को रेफर की जाए। 
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हरियाणा सरकार की ओर से कोर्ट में बुधवार को कहा गया था कि यादव महासभा ने जनवरी में बेंच से इस केस को दूसरी बेंच को रेफर करने की मांग की है, जबकि यही बेंच पिछले जुलाई से इस मामले की सुनवाई कर रही है। इसके बाद अर्जी दाखिल करने वाली यादव महासभा के वकील पीआर यादव ने कहा कि उनके मन में बेंच और न्यायपालिका के लिए पूरा सम्मान है, लेकिन लोगों के बीच सही संदेश देने और न्यायपालिका का सम्मान बनाए रखने के लिए यह मांग की जा रही है।
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