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SGPC चुनाव में हरियाणा के सदस्यों को शामिल करने पर रोक की अपील खारिज

Tue, 25 Jul 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Jul 2017 09:25 AM IST
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Punjab and haryana highcourt, Jagdish Jhinda, HSGMC
जगदीश झींडा - फोटो : File Photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस सुधीर मित्तल की खंडपीठ ने हरियाणा एसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश झींडा को झटका देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के चुनाव में हरियाणा से सदस्यों को शामिल करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की अंतरिम राहत से इनकार करते हुए इस तरह के मामलों में पूर्व में दी गई जजमेंट पेश करने को कहा है।
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जगदीश झींडा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि हरियाणा में अलग गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने अलग एक्ट भी बनाया है।
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इस स्थिति में 1925 का सिख गुरुद्वारा एक्ट हरियाणा के मामले में लागू नहीं होता। जब हरियाणा में यह एक्ट ही लागू नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में इस एक्ट के अधीन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक में हरियाणा से सदस्यों को शामिल करने के फैसले पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
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'लड़ाई खत्म नहीं हुई, फैसले को सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती'

Punjab and haryana highcourt, Jagdish Jhinda, HSGMC
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
याचिकाकर्ता ने कहा था कि एसजीपीसी हरियाणा के गुरुद्वारों का सारा पैसा ले जाती है, जबकि यह पैसा हरियाणा के गुरुद्वारों पर नहीं लगाया जाता है। ऐसे में हरियाणा के गुरुद्वारों का पैसा यहीं रहे और इनके विकास के लिए इस्तेमाल होना सुनिश्चित हो।

हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुधीर मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि बैठक हो चुकी है चुनाव भी। ऐसे में इस याचिका पर अब यहां सुनवाई के लिए कुछ बाकी नहीं रह गया है। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करने का फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद कोर्ट से बाहर आकर झींडा ने कहा कि अभी उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। हरियाणा के सिखों को इंसाफ दिलाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे।
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