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फ्लाइट शुरू नहीं कर सकते तो जमीन खेती के लिए किसानों को दे दो: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 May 2017 09:11 AM IST
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
बठिंडा, लुधियाना और पठानकोट में एयरपोर्ट के लिए सैकड़ों एकड़ भूमि अधिगृहीत करने के बाद वहां से कोई घरेलू उड़ान न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की खूब खिंचाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार इन एयरपोर्ट से फ्लाइट्स शुरू नहीं कर सकते तो यह जमीन किसानों को वापस दे दें ताकि वे इस पर खेती तो कर सकें।
बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने एक योजना बनाई है जिसके तहत छोटे एयरपोर्ट्स से कम दूरी की घरेलू उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत लुधियाना और बठिंडा से नई दिल्ली के लिए 50 सीटों वाले छोटे विमानों से सप्ताह में दो बार उड़ान शुरू की जाएगी। छोटे विमानों को कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि कही ऐसा न हो एक बार यहां से फ्लाइट शुरू करने के बाद यहां का हाल भी अमृतसर और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा हो जाए। बाद में फ्लाइट्स ही बंद कर दी जाए। कोर्ट ने कहा कि केंद्र यह बताए कि यहां से फ्लाइट्स कब शुरू की जाएंगी। अन्यथा बेहतर होगा कि किसानों को उनकी यह जमीन वापस कर दो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 26 मई तक स्थगित करते हुए कहा कि केंद्र के लिए यह अंतिम अवसर है। अगली सुनवाई पर बेहतर जानकारी के साथ पेश हों नहीं तो सख्त आदेश जारी किए जा सकते हैं।
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बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने एक योजना बनाई है जिसके तहत छोटे एयरपोर्ट्स से कम दूरी की घरेलू उड़ानें शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत लुधियाना और बठिंडा से नई दिल्ली के लिए 50 सीटों वाले छोटे विमानों से सप्ताह में दो बार उड़ान शुरू की जाएगी। छोटे विमानों को कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
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इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि कही ऐसा न हो एक बार यहां से फ्लाइट शुरू करने के बाद यहां का हाल भी अमृतसर और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा हो जाए। बाद में फ्लाइट्स ही बंद कर दी जाए। कोर्ट ने कहा कि केंद्र यह बताए कि यहां से फ्लाइट्स कब शुरू की जाएंगी। अन्यथा बेहतर होगा कि किसानों को उनकी यह जमीन वापस कर दो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 26 मई तक स्थगित करते हुए कहा कि केंद्र के लिए यह अंतिम अवसर है। अगली सुनवाई पर बेहतर जानकारी के साथ पेश हों नहीं तो सख्त आदेश जारी किए जा सकते हैं।
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पंजाब ने यह दिया था जवाब
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
पंजाब ने यह दिया था जवाब
बता दें कि एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि इन तीनों एयरपोर्ट्स के नाम पर टैक्स पेयर्स का करोड़ों रुपया बर्बाद किया गया है। अभी तक यहां कोई घरेलू उड़ान तक शुरू नहीं हो पाई है। इसके जवाब में पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया था कि पठानकोट एयरपोर्ट का मकसद राज्य सहित हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को बढ़ावा देना था।
एयरपोर्ट तैयार हो चुका है लेकिन केंद्र सरकार है कि इस मामले में कुछ भी नहीं कर रही है। लुधियाना के साहनेवाल का एयरपोर्ट 1962 में बनाया गया था। कुछ समय फ्लाइट्स चली लेकिन बाद में इन्हे बंद कर दिया गया। इस एयरपोर्ट को अपग्रेड करने के लिए राज्य सरकार ने 7 एकड़ जमीन और उपलब्ध करवाई थी। बठिंडा के एयरपोर्ट के बारे में बताया गया था कि यह एयरपोर्ट भी बन कर तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में न तो केंद्र सरकार और न ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया कोई दिलचस्पी ले रहे हैं।
बता दें कि एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि इन तीनों एयरपोर्ट्स के नाम पर टैक्स पेयर्स का करोड़ों रुपया बर्बाद किया गया है। अभी तक यहां कोई घरेलू उड़ान तक शुरू नहीं हो पाई है। इसके जवाब में पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया था कि पठानकोट एयरपोर्ट का मकसद राज्य सहित हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को बढ़ावा देना था।
एयरपोर्ट तैयार हो चुका है लेकिन केंद्र सरकार है कि इस मामले में कुछ भी नहीं कर रही है। लुधियाना के साहनेवाल का एयरपोर्ट 1962 में बनाया गया था। कुछ समय फ्लाइट्स चली लेकिन बाद में इन्हे बंद कर दिया गया। इस एयरपोर्ट को अपग्रेड करने के लिए राज्य सरकार ने 7 एकड़ जमीन और उपलब्ध करवाई थी। बठिंडा के एयरपोर्ट के बारे में बताया गया था कि यह एयरपोर्ट भी बन कर तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में न तो केंद्र सरकार और न ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया कोई दिलचस्पी ले रहे हैं।