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जजों के आवास की दलील पर चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट की फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Mar 2017 01:05 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडिशनल जजों को आवास सुविधा की कमी के चलते आईटी पार्क में आवास मुहैया करवाने की दलील चंडीगढ़ प्रशासन को भारी पड़ गई। हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा है कि सेक्टर-10 में खाली पड़ी जगह क्यों नहीं इनके लिए तय की जा सकती है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व चीफ जस्टिस जोकि एक संवैधानिक पद है, उन्हें सेक्टर-39 में जाने के लिए कह दिया जाता है और सूचना आयुक्त के लिए सेक्टर-5 में जगह मिल जाती है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह कैसी नीति है, अगली सुनवाई पर पारदर्शी नीति के साथ प्रशासन आए अन्यथा हम स्व संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
प्रशासन की दलील थी कि आईटी पार्कमें एक सिक्योर ब्लॉक बनाकर एडिशनल जजों को वहां स्थान दिया जाए। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने पूछा था कि सेक्टर-10 में अन्य एडिशनल जजों के आवास बनाए जा सकते हैं? हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन कहता है कि शहर में जजों के आवासों की कमी है, लेकिन सेक्टर-10 में जजों के आवास के बारे में जानकारी नहीं दी।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व चीफ जस्टिस जोकि एक संवैधानिक पद है, उन्हें सेक्टर-39 में जाने के लिए कह दिया जाता है और सूचना आयुक्त के लिए सेक्टर-5 में जगह मिल जाती है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह कैसी नीति है, अगली सुनवाई पर पारदर्शी नीति के साथ प्रशासन आए अन्यथा हम स्व संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
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प्रशासन की दलील थी कि आईटी पार्कमें एक सिक्योर ब्लॉक बनाकर एडिशनल जजों को वहां स्थान दिया जाए। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने पूछा था कि सेक्टर-10 में अन्य एडिशनल जजों के आवास बनाए जा सकते हैं? हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन कहता है कि शहर में जजों के आवासों की कमी है, लेकिन सेक्टर-10 में जजों के आवास के बारे में जानकारी नहीं दी।
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