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पंजाब: बेटे का पिता के साथ होना अवैध हिरासत नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- एफआईआर कानून का दुरुपयोग
Wed, 15 Dec 2021 10:09 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 15 Dec 2021 10:09 PM IST
सार
अपहरण व अवैध हिरासत का आरोप लगाने वाले मामले को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कानून का दुरुपयोग बताया। हाईकोर्ट ने कहा कि पिता बच्चे का प्राकृतिक संरक्षक है। ऐसे में एफआईआर कानून का दुरुपयोग है।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बच्चे के पिता पर अपहरण व अवैध हिरासत का आरोप लगाते हुए मोहाली के मटौर थाने में दर्ज एफआईआर को कानून का दुरुपयोग बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बच्चे का पिता के पास होना अवैध हिरासत नहीं है।
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पिता बच्चे का प्राकृतिक संरक्षक है, यह एफआईआर कानून का दुरुपयोग है। याचिका दाखिल करते हुए बच्चे के पिता राजेंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका बेटा तीन साल से उनके साथ रह रहा है। वह उसे अच्छी शिक्षा व परवरिश दे रहे हैं। बच्चे की हिरासत को लेकर गार्जियन एंड वार्ड एक्ट के तहत याचिका विचाराधीन है।
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तीन वर्ष पहले याची के ससुर ने उसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी कि याची ने उनके नाती का स्कूल के बाहर से अपहरण कर लिया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने याची के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता मां नहीं बल्कि नाना है। साथ ही बच्चा तीन साल से पिता के पास है और उसकी हिरासत को लेकर याचिका विचाराधीन है।
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कानूनन जब तक पिता को हिरासत से वंचित न किया जाए तब तक बच्चे का पिता के साथ होना अवैध हिरासत नहीं है। इन हालात में याची के खिलाफ इस प्रकार एफआईआर दर्ज करवाना और कुछ नहीं बल्कि कानून का दुरुपयोग है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए एफआईआर और इससे जुड़ी सभी प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश जारी किया है।