{"_id":"615c89438ebc3edaf115094a","slug":"punjab-and-haryana-high-court-refuses-to-change-judge-in-ranjit-singh-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंजीत सिंह हत्याकांड: अंतिम फैसले का रास्ता साफ, जज बदलने से हाईकोर्ट का इनकार, राम रहीम है आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंजीत सिंह हत्याकांड: अंतिम फैसले का रास्ता साफ, जज बदलने से हाईकोर्ट का इनकार, राम रहीम है आरोपी
Tue, 05 Oct 2021 10:55 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 05 Oct 2021 10:55 PM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रंजीत सिंह हत्याकांड मामले में जज बदलने से इनकार कर दिया है। अंतिम फैसले से ठीक पहले रंजीत सिंह के बेटे ने याचिका दायर कर सीबीआई जज को बदलने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करने के साथ अंतिम फैसले पर लगी रोक भी हटा ली।
विज्ञापन
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रहे रंजीत सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले का रास्ता हो गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रंजीत सिंह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने सीबीआई जज पर गंभीर आरोप लगाते हुए फैसले से ठीक पहले जज को बदलने की मांग की थी।
विज्ञापन
याचिका खारिज होने के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में फैसला सीबीआई जज सुशील कुमार गर्ग ही सुनाएंगे। इस मामले में राम रहीम आरोपी हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केवल आशंकाओं के कारण जज को बदलने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
आशंकाओं के साथ ही इसके समर्थन के लिए उपयुक्त सामग्री आवश्यक होती है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के समक्ष लंबे समय से जज सुनवाई कर रहे हैं और अब जब अंतिम फैसला सुनाया जाना है तो इस प्रकार की आपत्ति दर्ज की जा रही है। यदि अब यह केस किसी अन्य जज को भेजा गया तो इससे उस जज पर भी दबाव बनेगा जिसे यह केस सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
केवल इस वजह से की आरोपी प्रभावशाली है ट्रायल को ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करना न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने जैसा होगा। इसके अतिरिक्त याचिकाकर्ता को अपनी पसंद का जज चुनने या अपने अनुरूप केस की कार्रवाई चयन करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता है। या अपनी इच्छा के अनुसार मुकदमे का चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया की सक्रियता के चलते आरोप लगाने में बहुत सावधानी की आवश्यकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमें केस को ट्रांसफर करने का अधिकार है लेकिन इस अधिकार को इस्तेमाल करते हुए संयम का प्रयोग बेहद आवश्यक है।
यह है मामला
रंजीत सिंह हत्याकांड में चल रहे ट्रायल के बाद फैसला सुनाने से ठीक पहले रणजीत सिंह के बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए केस को किसी अन्य जज को ट्रांसफर करने की मांग की थी। याचिका में जज पर जल्दबाजी का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने 26 अगस्त को इस मामले में सीबीआई कोर्ट के अंतिम फैसला सुनाने पर रोक लगा दी थी।