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एचपीएससी से हाईकोर्ट ने पूछा-क्यों नहीं दे रहे आर्थिक पिछड़ों को आरक्षण
Sun, 26 May 2019 04:52 AM IST
ajay kumar
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 26 May 2019 04:52 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा 524 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में आर्थिक पिछड़ा वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण न देने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचपीएससी को कड़ी फटकार लागई।
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हाईकोर्ट ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगाई है तो इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले इस बारे में निर्णय लेने के एचपीएससी और हरियाणा सरकार को आदेश दिए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए रोहतक निवासी सिकंदर ने असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर के 524 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी है। याची ने कहा कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में बाकी सब आरक्षण दिए गए हैं लेकिन केंद्र की नोटिफिकेशन के तहत आर्थिक पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है।
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इस पर हरियाणा के एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने हाईकोर्ट को बताया कि आर्थिक पिछड़ों को दिए गए आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और केंद्र की नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट में। ऐसे में आरक्षण का लाभ कैसे दिया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि जिन मामलों का हवाला दिया जा रहा है वह केंद्र की नोटिफिकेशन से पहले के हैं और ऐसे में इस नोटिफिकेशन के बाद की नियुक्तियों से उनका कोई वास्ता नहीं है। जहां तक केंद्र की नोटिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट में केस लंबित होने की बात है तो सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगाई है।
ऐसे में हाईकोर्ट का मानना है कि सरकार को आर्थिक पिछड़ों का आरक्षण फिलहाल जारी रखना चाहिए। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और एचपीएससी को 20 अगस्त तक की मोहलत देते हुए इस पर फैसला लेकर कोर्ट को सूचित करने के आदेश दिए हैं।