फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana High Court ordered to file FIR against policemen

Punjab: नशे के झूठे केस में फंसाने का आरोप, हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का दिया आदेश

Tue, 17 Oct 2023 12:57 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 17 Oct 2023 12:57 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीआईजी जालंधर की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले की जांच की रिपोर्ट हर माह हाईकोर्ट में सौंपने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Punjab and Haryana High Court ordered to file FIR against policemen
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नशा रोधी कानून (एनडीपीएस एक्ट) मामले में पुलिस अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन पर कानून को कायम रखने और नागरिकों की रक्षा का जिम्मा है, वही शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह देश के हर नागरिक के लिए चिंता का विषय है। यह टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के झूठे केस में फंसाने के आरोप के मामले में आरोपी पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने व डीआईजी जालंधर की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए कुलदीप ने बताया कि पुलिस ने एनडीपीएस के मामले में कपूरथला में 23 सितंबर, 2019 में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में याची को कुष्ठ आश्रम के पास से गिरफ्तार दिखाया गया, जबकि पुलिस ने उसे उसकी वर्कशॉप से उठाया था। सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि उसी दिन पुलिस वाले सादे कपड़ों में उसके कार्यालय आए थे और शाम को उसकी गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर दिखाई थी। इस मामले में याची ने सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच सौंपने की मांग की थी।

विज्ञापन

जांच की रिपोर्ट हर माह हाईकोर्ट में सौंपने का आदेश

मामले में हाईकोर्ट ने जब एसएसपी का हलफनामा देखा तो पाया कि इसमें व एफआईआर में काफी फर्क है। साथ ही यह भी पाया कि 31 मई, 2022 को हाईकोर्ट को बताया था कि इस मामले में एसआईटी गठित की जा रही है। जब हाईकोर्ट ने इस बारे में सरकारी वकील से पूछा तो वह जानकारी नहीं दे सके। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीआईजी जालंधर की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले की जांच की रिपोर्ट हर माह हाईकोर्ट में सौंपने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed