{"_id":"634577e80f51de617e7a6dd8","slug":"punjab-and-haryana-high-court-issues-notice-to-punjab-govt-regarding-ag-office-recruitments","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court News: AG कार्यालय की नियुक्तियों में धांधली का आरोप, पंजाब सरकार को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court News: AG कार्यालय की नियुक्तियों में धांधली का आरोप, पंजाब सरकार को नोटिस
Tue, 11 Oct 2022 07:37 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 11 Oct 2022 07:37 PM IST
सार
याची ने बताया कि नियुक्ति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया है, जबकि पंजाब सरकार ने पंजाब सिविल सर्विसेज (रिजर्वेशन ऑफ पोस्ट्स फॉर फीमेल) रूल्स, 2020 के तहत इसका प्रावधान किया है लेकिन इसे इन नियुक्तियों में लागू नहीं किया गया। इसके अलावा इन नियुक्तियों में पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2008 को भी लागू नहीं किया गया है।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के एडवोकेट जनरल कार्यालय में हुई नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए इन्हें रद्द करने की अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर इसे एडमिट करते हुए अगले साल जुलाई में सुनवाई करने का आदेश दिया है। एडवोकेट कुलदीप कुमार सारथी और कनु शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि पंजाब सरकार ने अप्रैल में एडवोकेट जनरल ऑफिस में लॉ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन के अनुसार अगस्त में नियुक्तियां कर दी गईं।
विज्ञापन
याची ने बताया कि नियुक्ति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया है, जबकि पंजाब सरकार ने पंजाब सिविल सर्विसेज (रिजर्वेशन ऑफ पोस्ट्स फॉर फीमेल) रूल्स, 2020 के तहत इसका प्रावधान किया है लेकिन इसे इन नियुक्तियों में लागू नहीं किया गया। इसके अलावा इन नियुक्तियों में पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2008 को भी लागू नहीं किया गया है। जिन्हें पंजाबी में काम नहीं करना आता है उनकी भी नियुक्तियां कर दी गईं हैं।
विज्ञापन
नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कुछ समय में निकटवर्ती राज्यों में चुनाव हैं और चुनावी लाभ लेने के लिए बाहरी लोगों को एजी कार्यालय में नियुक्ति दी गई है। याची ने कहा कि चुनाव में लाभ लेने के लिए जनहित को प्रभावित होने नहीं दिया जा सकता है। साथ ही यह भी कहा कि नियुक्तियों में पंजाब लॉ ऑफिसर्स एक्ट का पालन भी नहीं किया गया। याचिका में इन नियुक्तियों को रद्द करने की मांग की गई है।
विज्ञापन