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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana High Court issued notice to DC of Karnal and Marriage Registration Officer of Indri 

गजब: 34 की दुल्हन-30 का दूल्हा, 11 साल की बच्ची, फिर भी नहीं किया विवाह पंजीकरण, अब हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

Wed, 11 Aug 2021 11:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 11 Aug 2021 11:08 PM IST
सार

दिसंबर 2009 में विवाह के समय दूल्हे की आयु 18 वर्ष से ऊपर और दुल्हन 22 वर्ष से ऊपर थी। 2010 में उन्हें एक बेटी पैदा हुई। जुलाई 2021 में उनके विवाह पंजीकरण के आवेदन को खारिज कर दिया गया।

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Punjab and Haryana High Court issued notice to DC of Karnal and Marriage Registration Officer of Indri 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महिला 34 साल की और पुरुष 30 साल का है। दोनों की 11 साल की बच्ची भी है फिर भी उनके विवाह पंजीकरण से इनकार कर दिया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर करनाल के डीसी और इंद्री के विवाह पंजीकरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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याचिकाकर्ता ने बताया कि उनका विवाह दिसंबर 2009 में हुआ था। विवाह के समय दूल्हे की आयु 18 वर्ष से ऊपर और दुल्हन 22 वर्ष से ऊपर थी। 2010 में उन्हें एक बेटी पैदा हुई। जुलाई 2021 में जब उन्होंने विवाह के पंजीकरण के लिए आवेदन किया तो उनके आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि विवाह के समय लड़के की आयु विवाह योग्य नहीं थी। 
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याचिकाकर्ता ने कहा कि आज की स्थिति में दोनों की आयु को विवाह के लिए अनुपयुक्त नहीं करार दिया जा सकता। इसलिए विवाह का पंजीकरण करने का निर्देश जारी किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलों के समर्थन में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न जजमेंट का हवाला दिया। इस आधार पर हाईकोर्ट ने अब करनाल के डीसी समेत इंद्री के विवाह पंजीकरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

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67 का प्रेमी और 19 साल की प्रेमिका

कहते हैं कि प्यार अंधा होता है और यह दिल के सिवा कुछ नहीं देखता। इस बात को एक प्रेमी जोड़े ने चरितार्थ किया है। हालांकि मामले में प्रेमिका 19 साल की है और प्रेमी 67 साल का। हाईकोर्ट ने शक जताया तो मामले की जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने भी हाईकोर्ट को बताया कि मामला दिल का ही है और इसमें कोई गड़बड़ नहीं है।

हाईकोर्ट में पलवल के एक मुस्लिम प्रेमी जोडे़ ने परिजनों से जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। दोनों ने हाईकोर्ट को बताया था कि वह एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और साथ रहना चाहते हैं। उन्हें परिजनों से खतरा है। हाईकोर्ट ने इस बेमेल जोड़े पर संदेह व्यक्त करते हुए एसपी पलवल को एक टीम गठित कर मामले की जांच का आदेश दिया था। साथ ही लड़की को सुरक्षा देते हुए मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर बयान दर्ज करवाने का भी आदेश दिया था।

पलवल के एसपी दीपक गहलावत ने हाईकोर्ट में सौंपी रिपोर्ट में बताया कि इस मामले में लड़की पर किसी तरह का दबाव नहीं था। कुल मिलाकर यह मामला दिल का था। हथीन के एसडीएम के सामने लड़की के बयान हुए जिसमें उसने बताया कि उसने अपनी मां की सहमति से यह विवाह किया था। डीएसपी की अगुवाई वाली टीम ने जांच में पाया कि पुरुष के 7 बच्चे हैं और सभी विवाहित हैं। उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। लड़की भी विवाहित है। गत वर्ष उसका विवाह राजस्थान में हुआ था और उसका पति जीवित है। लड़की ने कहा कि उसने तलाक लिए बगैर यह शादी की है। उसका पति किसी और महिला से प्यार करता है और उसे उसके विवाह से कोई आपत्ति नहीं है। 

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