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हाईकोर्ट का अहम फैसलाः धारा 144 भंग करने पर सीधी एफआईआर लिखना अवैध
Fri, 17 May 2019 01:29 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 17 May 2019 01:29 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि धारा 144 के उल्लंघन पर सीधी एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। इसमें सरकारी अधिकारी शिकायत देगा और उसके आधार पर आगे जांच कर फिर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए आसिफ जावेद निवासी मेवात ने हाईकोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की अपील की थी।
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वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता पर 3 अक्तूबर 2015 को धारा 144 के उल्लंघन पर धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई थी। ऐसा करना याची के साथ अन्याय है। इस दौरान सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसे में याची पर दर्ज एफआईआर को खारिज किया जाना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि धारा 195(1) के तहत सरकारी अधिकारी की लिखित शिकायत पर कार्रवाई ही सही तरीका है न की एफआईआर। ऐसे में हाईकोर्ट ने याची पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश देते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई को भी खारिज कर दिया।
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