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पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की टिप्पणी: लिव-इन रिलेशन मामले कहा-बदलते समय में रूढ़ीवादी दृष्टीकोण बदलना जरूरी
Mon, 28 Feb 2022 08:09 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Feb 2022 08:09 PM IST
सार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सहमति संबंध में विवाहित महिला के साथ रहने के लिए हाईकोर्ट ने सुरक्षा का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समय बदल रहा है और समय के साथ सिद्धांतों व समाज का बदलना जरूरी है। जो समय के साथ नहीं बदलते, वह पीछे छूट जाते हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सहमति संबंध में रहने वाले प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का फाजिल्का के एसएसपी को आदेश दिया है। प्रेमी जोड़े में महिला पहले से विवाहित थी, ऐसे में हाईकोर्ट ने कहा कि समय बदल रहा है और रूढ़ीवादी दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। मानव मूल्यों को जीवन से ऊपर समझने वाली सोच को बदलने की जरूरी है।
फाजिल्का निवासी नरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ सहमति संबंध में रह रहा है। उसकी प्रेमिका पहले से विवाहित है, ऐसे में उनकी जान को खतरा है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह इस रिश्ते की वैधता पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन संविधान प्रत्येक नागरिक को जीवन की सुरक्षा का अधिकार देता है।
याचिकाकर्ता को अधिकार है कि वह अपनी पसंद से जीवनसाथी का चयन करे और न्यायालय का यह दायित्व है कि प्रत्येक नागरिक के संविधानिक अधिकारों की रक्षा करे। हाईकोर्ट ने कहा कि समय बदल रहा है और समय के साथ सिद्धांतों व समाज का बदलना जरूरी है। जो समय के साथ नहीं बदलते, वह पीछे छूट जाते हैं।
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ऐसे में हमें रूढ़ीवादी सोच को पीछे छोड़कर स्वतंत्र समाज के तौर पर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का फाजिल्का के एसएसपी को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि रोजाना के आधार पर इस जोड़े की सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
साथ ही हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े को हिदायत दी कि याचिकाकर्ता अपने घर की सीमा से बाहर न निकलें। केवल दवाओं और जरूरत के सामान की खरीद के लिए ही घर से बाहर जाएं।
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फाजिल्का निवासी नरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ सहमति संबंध में रह रहा है। उसकी प्रेमिका पहले से विवाहित है, ऐसे में उनकी जान को खतरा है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह इस रिश्ते की वैधता पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन संविधान प्रत्येक नागरिक को जीवन की सुरक्षा का अधिकार देता है।
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याचिकाकर्ता को अधिकार है कि वह अपनी पसंद से जीवनसाथी का चयन करे और न्यायालय का यह दायित्व है कि प्रत्येक नागरिक के संविधानिक अधिकारों की रक्षा करे। हाईकोर्ट ने कहा कि समय बदल रहा है और समय के साथ सिद्धांतों व समाज का बदलना जरूरी है। जो समय के साथ नहीं बदलते, वह पीछे छूट जाते हैं।
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ऐसे में हमें रूढ़ीवादी सोच को पीछे छोड़कर स्वतंत्र समाज के तौर पर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का फाजिल्का के एसएसपी को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि रोजाना के आधार पर इस जोड़े की सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
साथ ही हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े को हिदायत दी कि याचिकाकर्ता अपने घर की सीमा से बाहर न निकलें। केवल दवाओं और जरूरत के सामान की खरीद के लिए ही घर से बाहर जाएं।