शहीद मनिंदर सिंह के पिता बोले- कायरों ने धोखे से मारा, युद्ध में वीरगति मिलती तो इतना दुख न होता
पुलवामा आतंकी हमले में दीनानगर के मनिंदर सिंह अत्री को भी शहादत मिली है। मनिंदर सिंह सीआरपीएफ में तैनात थे और दीनानगर के आर्य नगर मोहल्ले के रहने वाले थे। मनिंदर 13 फरवरी को ही छुट्टी काट कर ड्यूटी पर लौटे थे। मनिंदर के शहीद होने की खबर देर रात उनके पिता सतपाल अत्री को फोन पर मिली। सुबह जब यह खबर पूरे शहर में फैली तो माहौल गमगीन हो गया।
शहीद के पिता सतपाल अत्री ने बताया कि 13 फरवरी को मनिंदर सिंह घर से गए थे। उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह कभी लौट कर वापस नहीं आएंगे। रोते हुए उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे देश की रक्षा के लिए सीआरपीएफ में तैनात हैं। मनिंदर सिंह की पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी और लख्बीश असम में तैनात है।
मनिंदर सिंह पहले बंगलुरू में मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे लेकिन देश की रक्षा के लिए उन्होंने सीआरपीएफ ज्वाइन की। मनिंदर सिंह बास्केटबाल के बेहद अच्छे खिलाड़ी थे। सतपाल ने बताया कि उनकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका है और अब इस उम्र में बेटा भी साथ छोड़ गया। सतपाल ने कहा कि देश के वीर जवानों की ऐसी निर्मम हत्या दुख की बात है।
अगर उनका बेटा मुकाबले में शहीद होता तो उन्हें इतना गम ना होता लेकिन उन जांबाजों को धोखे से शहीद किया गया। उनकी सरकार से मांग है कि ऐसे आतंकियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उनको इस कायराना काम का माकूल जवाब मिल सके। गमगीन माहौल में बड़ी संख्या में शहर के लोग परिवार से दुख जताने पहुंचे थे।
सभी मांग कर रहे थे कि सरकार आतंकियों को इस घिनौनी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे। शहीद की बहन ने रोते हुए बताया कि हम मनिंदर की शादी के बारे में जब भी बात करते तो वह कहता कि एक बार प्रमोशन हो जाए तो फिर धूमधाम से शादी करूंगा, मगर उन्हें क्या पता था कि भाई शादी से पहले ही साथ छोड़ जाएगा।