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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद कुलविंदर सिंह के परिवार से मिलने पहुंचे कैप्टन, किए दो बड़े एलान
Mon, 18 Feb 2019 08:53 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़(अमृतसर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़(अमृतसर)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 18 Feb 2019 08:53 AM IST
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पुलवामा हमले में शहीद हुए कुलविंदर सिंह के परिवार के साथ दुख सांझा करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सांसद अंबिका सोनी गांव रौली पहुंचे। सीएम ने शहीद के पिता दर्शन सिंह और माता अमरजीत कौर के साथ दुख सांझा किया। इससे पहले अंबिका सोनी ने बड़ी संख्या में बैठे गांव के लोगों के बीच बैठकर काफी समय तक बातचीत की।
सांसद अंबिका सोनी दो बजे शहीद के गांव रौली पहुंची और आधा घंटा वहां पर रुकने के बाद करीब ढाई बजे लौट गईं। करीब तीन बजे सीएम गांव रौली पहुंचे। साढ़े तीन बजे सीएम वापस चले गए। शहीद के पिता दर्शन सिंह और गांव के प्रमुख लोगों ने सीएम को एक मांग पत्र भी सौंपा। सीएम ने उनकी सारी मांगें मानते हुए शहीद के माता पिता को पूरी जिंदगी के लिए दस हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने की घोषणा की।
कैप्टन ने कहा कि पहले किए गए एलान भी परिवार को मिलेंगे। परिवार में कोई नौकरी करने वाला नहीं है, इसलिए शहीद के परिवार को पेंशन दी जाएगी। सीएम ने गांव रौली के मिडल स्कूल और गांव रौली से श्री आनंदपुर साहिब तक 1.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ढाई किलोमीटर सड़क का नाम शहीद कुलवदिंर सिंह के नाम पर रखने का एलान किया।
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सड़क के दोनों तरफ शहीद कुलविंदर सिंह के नाम पर यादगारी गेट बनाने की बात भी कही। सीएम ने परिजनों से कहा कि उन्हें किसी चीज की जरूरत पड़े या कोई समस्या हो तो वह जिला कांग्रेस प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लों को बता दें।
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सांसद अंबिका सोनी दो बजे शहीद के गांव रौली पहुंची और आधा घंटा वहां पर रुकने के बाद करीब ढाई बजे लौट गईं। करीब तीन बजे सीएम गांव रौली पहुंचे। साढ़े तीन बजे सीएम वापस चले गए। शहीद के पिता दर्शन सिंह और गांव के प्रमुख लोगों ने सीएम को एक मांग पत्र भी सौंपा। सीएम ने उनकी सारी मांगें मानते हुए शहीद के माता पिता को पूरी जिंदगी के लिए दस हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने की घोषणा की।
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कैप्टन ने कहा कि पहले किए गए एलान भी परिवार को मिलेंगे। परिवार में कोई नौकरी करने वाला नहीं है, इसलिए शहीद के परिवार को पेंशन दी जाएगी। सीएम ने गांव रौली के मिडल स्कूल और गांव रौली से श्री आनंदपुर साहिब तक 1.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ढाई किलोमीटर सड़क का नाम शहीद कुलवदिंर सिंह के नाम पर रखने का एलान किया।
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सड़क के दोनों तरफ शहीद कुलविंदर सिंह के नाम पर यादगारी गेट बनाने की बात भी कही। सीएम ने परिजनों से कहा कि उन्हें किसी चीज की जरूरत पड़े या कोई समस्या हो तो वह जिला कांग्रेस प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लों को बता दें।
पाकिस्तान हमारे लोगों को शहीद कर रहा है, यह बुरी बात
मुख्यमंत्री ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि पाकिस्तान हमारे लोगों को शहीद कर रहा है, यह बुरी बात है। इस दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से सुखपाल खैरा और नवजोत सिंह सिद्धू के बयान पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वह ऐसे मौके पर कोई राजनैतिक बात नहीं करना चाहते। इस दौरान विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह भी उपस्थित थे।
शहीद के पिता दर्शन सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा किए ऐलानों पर तसल्ली प्रगट करते हुए उनका धन्यवाद किया। गांव के अरजन सिंह मल्ली ने सीएम को बताया कि गांव के दो जवान पहले भी देश के लिए शहीद हो चुके हैं। 1984 में गांव के जवान चरनजीत सिंह शहीद हुए वहीं 2012 में धर्मचंद ने शहीदी हासिल की। गांव के 32 जवान फौज और पैरामिलिट्री फोर्स में शामिल हैं।
सांसद अंबिका सोनी से ग्रामीणों ने कहा कि फौज के हाथ न बांधे जाए। सोनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सर्वदलीय मीटिंग के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से इस हमले का बदला लेने की बात कही और इसके लिए एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि दुशमन से बदला लेने के लिए देश इकजुट है। उन्होने कहा कि देश में ऐसा यूनाइटेड फंड होना चाहिए जिसमें सभी राज्य हिस्सा दें। यह फंड शहीदों के परिवारों को मिले।
शहीद के पिता दर्शन सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा किए ऐलानों पर तसल्ली प्रगट करते हुए उनका धन्यवाद किया। गांव के अरजन सिंह मल्ली ने सीएम को बताया कि गांव के दो जवान पहले भी देश के लिए शहीद हो चुके हैं। 1984 में गांव के जवान चरनजीत सिंह शहीद हुए वहीं 2012 में धर्मचंद ने शहीदी हासिल की। गांव के 32 जवान फौज और पैरामिलिट्री फोर्स में शामिल हैं।
सांसद अंबिका सोनी से ग्रामीणों ने कहा कि फौज के हाथ न बांधे जाए। सोनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सर्वदलीय मीटिंग के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से इस हमले का बदला लेने की बात कही और इसके लिए एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि दुशमन से बदला लेने के लिए देश इकजुट है। उन्होने कहा कि देश में ऐसा यूनाइटेड फंड होना चाहिए जिसमें सभी राज्य हिस्सा दें। यह फंड शहीदों के परिवारों को मिले।