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पाकिस्तान के साथ ‘झप्पी’ राजनीति करने वाले जमीनी हकीकत समझें: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी
Fri, 15 Feb 2019 05:20 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 15 Feb 2019 05:20 PM IST
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हरदीप पुरी
- फोटो : amar ujala
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केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मंत्री नवजोत सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि पाकिस्तान के साथ ‘झप्पी’ की राजनीति करने वालों को हकीकत समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय भी खबरदार किया गया था, जब वह करतारपुर कॉरिडोर का नींव पत्थर रखने पाकिस्तान गए थे। उन्होंने इस प्रतिनिधि को कहा था कि पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल बाजवा को झप्पी डालने से पहले इस बात का विश्लेषण कर लें कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के काम में कोई परिवर्तन नहीं आया है।
पाकिस्तान सरकार आज भी आईएसआई के रिमोट से चलती है। इस दौरान पुरी ने कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा का निर्माण बहुत ही सकारात्मक संदेश था। पुलवामा के आतंकी हमले के बाद इस पर अमल कैसे किया जाना है इस पर भी केंद्र सरकार विचार करेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलवामा की घटना का प्रभाव करतारपुर कॉरिडोर निर्माण पर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि इस पर वह अभी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
पाकिस्तान पिछले तीन दशकों से भारत में आतंकवाद फैला रहा है। इस सच्चाई को याद रखना होगा। आतंकवादी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध नहीं रखे जा सकते। इसलिए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है।
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पाकिस्तान सरकार आज भी आईएसआई के रिमोट से चलती है। इस दौरान पुरी ने कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा का निर्माण बहुत ही सकारात्मक संदेश था। पुलवामा के आतंकी हमले के बाद इस पर अमल कैसे किया जाना है इस पर भी केंद्र सरकार विचार करेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलवामा की घटना का प्रभाव करतारपुर कॉरिडोर निर्माण पर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि इस पर वह अभी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
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पाकिस्तान पिछले तीन दशकों से भारत में आतंकवाद फैला रहा है। इस सच्चाई को याद रखना होगा। आतंकवादी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध नहीं रखे जा सकते। इसलिए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है।
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गुरु नगरी के 25 संगठनों के साथ पुलवामा के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने गुरु नगरी की औद्योगिक, व्यापारी संगठनों, प्रोफेशनलों सहित 25 अलग-अलग एसोसिएशन के साथ चुनावी घोषणा पत्र पर फीडबैक लेने से पहले पुलवामा में शहीद हुए जवानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन धारण किया। इस अवसर पर फोकल पॉइंट वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक कमल डालमिया ने कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिज्ञ प्रयास के साथ साथ कश्मीर में आतंकवादियों के समूल नाश करने के लिए सेना को खुले हाथ दे।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ के 2547 जवान जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। 75 वाहनों में जवान थे। जैसे ही काफिला पुलवामा पहुंचा, एक एसयूपी कार जवानों की बस से आकर टकरा गई। टक्कर लगने के बाद बस में धमाका हो गया। एक के बाद से तीन बसों में विस्फोट हुए।
हमले में करीब 350 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश ने इसे आत्मघाती हमला बताया। यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। हमले का मास्टरमाइंड भी मसूद अजहर ही है।
जिस तरह से पाकिस्तान के पीओके में बैठ कर उरी हमले की साजिश रची गई। इसी तरह से पुलवामा हमले की साजिश भी पाकिस्तान के पीओके में ही रची गई है। जिस तरह से आतंकियों ने उड़ी कैंपी की पूरी रेकी की थी। ठीक उसी तरह से आतंकियों ने पुलवामा पर हाइवे की रेकी की।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ के 2547 जवान जम्मू से श्रीनगर जा रहे थे। 75 वाहनों में जवान थे। जैसे ही काफिला पुलवामा पहुंचा, एक एसयूपी कार जवानों की बस से आकर टकरा गई। टक्कर लगने के बाद बस में धमाका हो गया। एक के बाद से तीन बसों में विस्फोट हुए।
हमले में करीब 350 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश ने इसे आत्मघाती हमला बताया। यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। हमले का मास्टरमाइंड भी मसूद अजहर ही है।
जिस तरह से पाकिस्तान के पीओके में बैठ कर उरी हमले की साजिश रची गई। इसी तरह से पुलवामा हमले की साजिश भी पाकिस्तान के पीओके में ही रची गई है। जिस तरह से आतंकियों ने उड़ी कैंपी की पूरी रेकी की थी। ठीक उसी तरह से आतंकियों ने पुलवामा पर हाइवे की रेकी की।