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ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाने का विरोध
अमर उजाला, डेराबस्सी
Updated Tue, 12 Nov 2013 02:33 PM IST
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गांव देवीनगर में ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। गांव के दलित एवं अन्य परिवारों समेत महिलाओं ने पहले बस स्टैंड, फिर एसडीएम दफ्तर के गेट के आगे बैठकर धरना प्रदर्शन किया।
उन्होंने गांव की महिला अकाली नेता सलीता सैनी पर प्रशासन के अधिकारियों को झूठी एवं अधूरी जानकारी देकर गुमराह करने के आरोप लगाया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
थाना प्रभारी ने पुलिस के साथ वहां पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में तहसीलदार गुरमंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर एसडीएम के नाम संबोधित ज्ञापन लिया।
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उन्होंने ज्ञापन को राज्य सरकार के पास भिजवा कर समस्या का जल्द से जल्द हल कराने का भरोसा दिया, तभी गुस्साए ग्रामीण शांत और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
प्रदर्शनकारी चरनजीत सिंह बंटी, मनदीप सिंह, हरीसिंह, सुखविंदर सिंह, स्वर्ण कौर, गुरजीत कौर, सुखदेवी, रानी, नसीब सिंह, राम प्रकाश, परविंदर सिंह, रोशनी, नछतर कौर, रजिंद्र कौर, महिंद्र कौर, तारा सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि महिला अकाली नेता सलीता सैनी के अलावा गांव की पूर्व सरपंच कुलदीप कौर तथा नंबरदार गुरनाम सिंह गांव की आबादी देह जमीन को गांव की शामलात जमीन बताकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।
यह लोग इस जमीन पर बैठे गरीब दलित एवं अन्य परिवारों को उजाड़ने में लगे हैं। गलत जानकारी से गांव की आबादी देह जमीन पर ज्युडिशिसल कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला किया गया है, जो सरासर उनके साथ नाइंसाफी है।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन पर ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है। उस पर उनके बाड़े गुहारे एवं पशुओं को बांधा जाता है। ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स गांव की शामलात जमीन पर बनाया जाए।
इस पर किसी को कोई एतराज नहीं है, लेकिन यदि कॉम्प्लेक्स गांव की आबादी देह जमीन पर बनाने के फैसले को रद्द नहीं किया गया, तो वे संघर्ष को और तेज करेंगे।
उन्होंने गांव के अकाली नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन के अधिकारियों से मांग की कि वह ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनने से पहले जमीन के पूरे रिकार्ड की जांच करें।
गांव वासियों ने तहसीलदार गुरमंद्र सिंह को एक मांग पत्र दिया। मांग पत्र में जमीन का विवरण दिया गया है। जमीन पर गांव की पंचायत तथा किसी भी ऑथर्टी का कोई अधिकार नहीं है कि वह इस जमीन पर ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला करे। किसी प्रकार की कोई धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगा।
उन्होंने कहा कि आबादी देह जमीन के केस के फैसले भी उनके हक में हो चुके हैं, लेकिन कुछ गांव के राजनीतिक नेता प्रशासन को जानबूझकर गुमराह कर रहे
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उन्होंने गांव की महिला अकाली नेता सलीता सैनी पर प्रशासन के अधिकारियों को झूठी एवं अधूरी जानकारी देकर गुमराह करने के आरोप लगाया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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थाना प्रभारी ने पुलिस के साथ वहां पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में तहसीलदार गुरमंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर एसडीएम के नाम संबोधित ज्ञापन लिया।
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उन्होंने ज्ञापन को राज्य सरकार के पास भिजवा कर समस्या का जल्द से जल्द हल कराने का भरोसा दिया, तभी गुस्साए ग्रामीण शांत और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
प्रदर्शनकारी चरनजीत सिंह बंटी, मनदीप सिंह, हरीसिंह, सुखविंदर सिंह, स्वर्ण कौर, गुरजीत कौर, सुखदेवी, रानी, नसीब सिंह, राम प्रकाश, परविंदर सिंह, रोशनी, नछतर कौर, रजिंद्र कौर, महिंद्र कौर, तारा सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि महिला अकाली नेता सलीता सैनी के अलावा गांव की पूर्व सरपंच कुलदीप कौर तथा नंबरदार गुरनाम सिंह गांव की आबादी देह जमीन को गांव की शामलात जमीन बताकर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।
यह लोग इस जमीन पर बैठे गरीब दलित एवं अन्य परिवारों को उजाड़ने में लगे हैं। गलत जानकारी से गांव की आबादी देह जमीन पर ज्युडिशिसल कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला किया गया है, जो सरासर उनके साथ नाइंसाफी है।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन पर ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है। उस पर उनके बाड़े गुहारे एवं पशुओं को बांधा जाता है। ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स गांव की शामलात जमीन पर बनाया जाए।
इस पर किसी को कोई एतराज नहीं है, लेकिन यदि कॉम्प्लेक्स गांव की आबादी देह जमीन पर बनाने के फैसले को रद्द नहीं किया गया, तो वे संघर्ष को और तेज करेंगे।
उन्होंने गांव के अकाली नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन के अधिकारियों से मांग की कि वह ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनने से पहले जमीन के पूरे रिकार्ड की जांच करें।
गांव वासियों ने तहसीलदार गुरमंद्र सिंह को एक मांग पत्र दिया। मांग पत्र में जमीन का विवरण दिया गया है। जमीन पर गांव की पंचायत तथा किसी भी ऑथर्टी का कोई अधिकार नहीं है कि वह इस जमीन पर ज्युडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला करे। किसी प्रकार की कोई धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगा।
उन्होंने कहा कि आबादी देह जमीन के केस के फैसले भी उनके हक में हो चुके हैं, लेकिन कुछ गांव के राजनीतिक नेता प्रशासन को जानबूझकर गुमराह कर रहे