फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panjab university VC did not call puta on tea tradition broken

चंडीगढ़: पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी ने पुटा पदाधिकारियों को चाय पर नहीं बुलाया, टूटती दिख रही परंपरा

Sun, 14 Nov 2021 01:12 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 14 Nov 2021 01:12 AM IST
सार

28 अक्तूबर को पुटा का चुनाव हुआ था। नई कार्यकारिणी के गठन के भी लगभग 15 दिन हो चुके हैं। लेकिन इस बार पुटा पदाधिकारियों को वीसी प्रो. राज कुमार ने चाय पर नहीं बुलाया है। पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है।

विज्ञापन
Panjab university VC did not call puta on tea tradition broken
पंजाब विश्वविद्यालय। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) की नई कार्यकारिणी का गठन हुए लगभग 15 दिन हो गए, लेकिन वीसी प्रो. राज कुमार ने उनको चाय पर नहीं बुलाया। यह पहली बार हुआ है। हर वीसी पुटा पदाधिकारियों को घर पर आमंत्रित करते हैं। इस मुलाकात के बहाने शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाता है ताकि वीसी की नजर में वे मुद्दे रहें और वह उस समस्या का समय-समय पर समाधान करें। इस बार निमंत्रण नहीं मिलने से पुटा पदाधिकारी नाखुश हैं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि चाय उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, शिक्षकों के मुद्दे जरूरी हैं जो वे संघर्ष करके पूरे करवाएंगे।

विज्ञापन


पुटा का चुनाव 28 अक्तूबर को हुआ था। कार्यकारिणी का गठन हो गया और पहली बैठक भी आयोजित हो गई। पुटा के पदाधिकारियों ने शिक्षकों की मांगों को क्रमवार एक फाइल में सजा भी लिया था, ताकि वीसी चाय पर बुलाएंगे तो वे उनके सामने पेश करेंगे। इंतजार पांच से दस दिन किया गया, लेकिन कोई बुलावा नहीं आया। इंतजार करके पुटा ने खुद शिक्षकों के मुद्दों को बारी-बारी से उठाना शुरू कर दिया। सचिव अमरजीत सिंह नौरा का कहना है कि पहली बार किसी वीसी ने ऐसा किया है। हमारा उद्देश्य शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है जो करते रहेंगे। अपनी घोषणाओं को हम पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन


चाय पर न बुलाने के ये हो सकते हैं कारण
इस बार पुटा के चुनाव के दो ग्रुप खड़े थे। एक तरफ मृत्युंजय-नौरा ग्रुप तो दूसरी ओर मनु-कश्मीर ग्रुप। मनु-कश्मीर ग्रुप को घेरने के लिए मृत्युंजय ग्रुप ने आरोप लगाया था कि वह ग्रुप वीसी के पक्ष का है। वहीं से उसका संचालन होगा। सूत्रों का कहना है कि पुटा को चाय पर न बुलाने का एक कारण यह भी हो सकता है। इसके अलावा वीसी की व्यस्तता भी इसका कारण हो सकती है। हालांकि वरिष्ठ शिक्षक कहते हैं कि अपने कैंपस के शिक्षकों के लिए तो वीसी आधा घंटा निकाल सकते हैं। चाहे वह कार्यालय में ही बुलाते।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed