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पीयू सिंडिकेट की बैठक आज, कर्मचारियों की पेंशन योजना पर होगा फैसला
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से मंगलवार को सिंडिकेट की बैठक आयोजित करवाई जा रही है। बैठक में अकादमिक और प्रशासनिक 22 एजेंडों पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। इन एजेंडों को पहले विभिन्न कमेटियों की ओर से पास कर सिंडिकेट के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस बार बैठक में कर्मचारियों की ओर से पेंशन योजना का विकल्प चुनने का एक और मौका मांगने के आठ साल बाद फिर से इस मुद्दे को सिंडिकेट की बैठक में चर्चा के लिए प्रस्तावित किया गया है।
सिंडिकेट के सदस्य पंजाब यूनिवर्सिटी की पेंशन स्कीम के विभिन्न पहलुओं को देखने के लिए 7 नवंबर, 2019 को गठित की गई रिकंमडेशन कमेटी की सिफारिशों पर फिर से विचार विमर्श करेंगे। 29 जनवरी 2014 को पंजाब यूनिवर्सिटी स्टाफ (गैर-शिक्षण) एसोसिएशन के अध्यक्ष ने एक रिप्रजेंटेशन दी थी कि यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को पेंशन योजना का विकल्प चुनने का एक और मौका दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर विचार करने के बाद पैनल ने 7 नवंबर 2019 को बैठक में सिफारिश दी थी कि पुरानी पेंशन स्कीम को चुनने का एक और मौका देने का मुद्दा सिंडिकेट में फिर से प्रस्तावित किया जाना चाहिए।
कमेटी ने कहा कि सिंडिकेट को कर्मचारियों को सिंडिकेट की ओर से निर्धारित अवधि के भीतर ऐसे विकल्पों का लाभ उठाने की अनुमति देने का अधिकार है। कमेटी ने सिफारिश की थी कि 35 वर्ष से कम आयु के कर्मचारी जो 1 जनवरी 2004 से 22 फरवरी, 2006 के बीच सेवा में शामिल हुए हैं, वे भी पीयू पेंशन रेगुलेशन 1.8 में दिए गए विकल्प का उपयोग करने के हकदार हैं। मामले पर विचार करने के बाद पीयू सिंडिकेट ने अपने 8 मार्च, 2020 में कहा था कि समिति की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ कानूनी रूप से जांचा जाएगा और मामले को कानूनी जांच के बाद फिर से सिंडिकेट के समक्ष रखा जाएगा। हाल ही में वीसी की ओर से गठित कमेटी ने इस मुद्दे की जांच की और पाया कि इस मामले में वित्तीय दायित्व है। कमेटी ने सुझाव दिया कि इस मामले पर सिंडिकेट में पूरी तरह से चर्चा की जानी चाहिए।
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सिंडिकेट में इन एजेंडा पर भी होगी चर्चा
पीयू सिंडिकेट की बैठक में यूनिवर्सिटी के अस्थायी, दैनिक वेतन भोगी, अनुबंधित कर्मचारियों की भविष्य निधि से संबंधित प्रस्तावित रिकंमडेशन पर भी फैसला लेगा। इसके साथ ही अप्लाइड आर्ट्स, पेंटिंग, ग्राफिक्स (प्रिंटमेकिंग) और मूर्तिकला में स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए अलग अलग बोर्ड ऑफ स्टडीज के गठन के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। अस्थायी, दैनिक भत्ता और कांट्रैक्चुअल नौकरी करने वाली शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों की महिला कर्मचारियों को गर्भपात होने और बच्चा गोद लेने के समय मातृत्व अवकाश देने का एजेंडे पर चर्चा की जाएगी। सिंडिकेट बैठक में एक फरीदाबाद और दो विदेशी डेनमार्क व साउथ कोरिया के संस्थानों के साथ एमओयू के प्रस्ताव पर चर्चा कर अप्रूव किया जाएगा। इस प्रस्ताव को कमेटी की ओर से मंजूरी दे दी गई है।
सप्लीमेंट्री एजेंडे में रखा डीएवी पर 2 लाख जुर्माने का मामला
सेक्टर-10 इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डीएवी कॉलेज पर पंजाब यूनिवर्सिटी ने नियमों का उल्लघंन करते हुए मेरिट के आधार पर दाखिला करने को लेकर दो लाख का जुर्माना लगाया है। इस मामले को सप्लीमेंट्री एजेंडे के तौर पर सिंडिकेट में रखा जा रहा है। वहीं, तीन अन्य कॉलेजों एसडी कॉलेज मोगा, गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज सेक्टर-10 और जीएनएन कॉलेज दोराहा लुधियाना पर भी जुर्माने के मामले पर बैठक में चर्चा की जाएगी।
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सिंडिकेट के सदस्य पंजाब यूनिवर्सिटी की पेंशन स्कीम के विभिन्न पहलुओं को देखने के लिए 7 नवंबर, 2019 को गठित की गई रिकंमडेशन कमेटी की सिफारिशों पर फिर से विचार विमर्श करेंगे। 29 जनवरी 2014 को पंजाब यूनिवर्सिटी स्टाफ (गैर-शिक्षण) एसोसिएशन के अध्यक्ष ने एक रिप्रजेंटेशन दी थी कि यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को पेंशन योजना का विकल्प चुनने का एक और मौका दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर विचार करने के बाद पैनल ने 7 नवंबर 2019 को बैठक में सिफारिश दी थी कि पुरानी पेंशन स्कीम को चुनने का एक और मौका देने का मुद्दा सिंडिकेट में फिर से प्रस्तावित किया जाना चाहिए।
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कमेटी ने कहा कि सिंडिकेट को कर्मचारियों को सिंडिकेट की ओर से निर्धारित अवधि के भीतर ऐसे विकल्पों का लाभ उठाने की अनुमति देने का अधिकार है। कमेटी ने सिफारिश की थी कि 35 वर्ष से कम आयु के कर्मचारी जो 1 जनवरी 2004 से 22 फरवरी, 2006 के बीच सेवा में शामिल हुए हैं, वे भी पीयू पेंशन रेगुलेशन 1.8 में दिए गए विकल्प का उपयोग करने के हकदार हैं। मामले पर विचार करने के बाद पीयू सिंडिकेट ने अपने 8 मार्च, 2020 में कहा था कि समिति की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ कानूनी रूप से जांचा जाएगा और मामले को कानूनी जांच के बाद फिर से सिंडिकेट के समक्ष रखा जाएगा। हाल ही में वीसी की ओर से गठित कमेटी ने इस मुद्दे की जांच की और पाया कि इस मामले में वित्तीय दायित्व है। कमेटी ने सुझाव दिया कि इस मामले पर सिंडिकेट में पूरी तरह से चर्चा की जानी चाहिए।
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सिंडिकेट में इन एजेंडा पर भी होगी चर्चा
पीयू सिंडिकेट की बैठक में यूनिवर्सिटी के अस्थायी, दैनिक वेतन भोगी, अनुबंधित कर्मचारियों की भविष्य निधि से संबंधित प्रस्तावित रिकंमडेशन पर भी फैसला लेगा। इसके साथ ही अप्लाइड आर्ट्स, पेंटिंग, ग्राफिक्स (प्रिंटमेकिंग) और मूर्तिकला में स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए अलग अलग बोर्ड ऑफ स्टडीज के गठन के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। अस्थायी, दैनिक भत्ता और कांट्रैक्चुअल नौकरी करने वाली शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों की महिला कर्मचारियों को गर्भपात होने और बच्चा गोद लेने के समय मातृत्व अवकाश देने का एजेंडे पर चर्चा की जाएगी। सिंडिकेट बैठक में एक फरीदाबाद और दो विदेशी डेनमार्क व साउथ कोरिया के संस्थानों के साथ एमओयू के प्रस्ताव पर चर्चा कर अप्रूव किया जाएगा। इस प्रस्ताव को कमेटी की ओर से मंजूरी दे दी गई है।
सप्लीमेंट्री एजेंडे में रखा डीएवी पर 2 लाख जुर्माने का मामला
सेक्टर-10 इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डीएवी कॉलेज पर पंजाब यूनिवर्सिटी ने नियमों का उल्लघंन करते हुए मेरिट के आधार पर दाखिला करने को लेकर दो लाख का जुर्माना लगाया है। इस मामले को सप्लीमेंट्री एजेंडे के तौर पर सिंडिकेट में रखा जा रहा है। वहीं, तीन अन्य कॉलेजों एसडी कॉलेज मोगा, गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज सेक्टर-10 और जीएनएन कॉलेज दोराहा लुधियाना पर भी जुर्माने के मामले पर बैठक में चर्चा की जाएगी।