फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PU sexual abuse case: There was commotion in the meeting, a decision will Ansari

यौन शोषण मामला : पीयू बैठक में हुआ हंगामा, अब अंसारी लेंगे फैसला

Mon, 30 Jan 2017 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 30 Jan 2017 10:29 AM IST
विज्ञापन
PU sexual abuse case: There was commotion in the meeting, a decision will Ansari
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी - फोटो : amar ujala

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में गठित होने वाली नई कमेटी के सदस्यों पर अंतिम फैसला चांसलर और उप राष्ट्रपति डॉ.हामिद अंसारी लेंगे। पीयू सीनेट ने कमेटी के नामों का प्रस्ताव चांसलर को भेजने पर फैसला लिया है।

विज्ञापन


रविवार को वीसी के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में एमएचआरडी के निर्देश पर नई कमेटी के सदस्यों की अप्रूवल के लिए सीनेट की विशेष बैठक बुलाई गई थी। 21 जनवरी को सिंडीकेट द्वारा नई कमेटी में शामिल किए गए सदस्यों को लेकर सीनेट में जमकर हंगामा हुआ।
विज्ञापन


करीब चार घंटे तक चली सीनेट में अशोक गोयल और नवदीप गोयल ग्रुप ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। लंबी बहस के बाद सीनेट ने नई कमेटी सदस्यों के नामों पर अप्रूवल का मामला चांसलर को भेजने का फैसला लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अशोक गोयल और पीड़ित महिला प्रोफेसर ने कमेटी के सदस्यों के नाम चयन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। करीब चार घंटे की हंगामेदार मीटिंग के बाद 90 सदस्यीय सीनेट में से 54 सदस्यों ने कमेटी के गठन का अंतिम फैसला चांसलर को देने पर सहमति जताई। 

पीड़ित प्रोफेसर ने कहा- इंसाफ के लिए अंत तक लड़ेगी

PU sexual abuse case: There was commotion in the meeting, a decision will Ansari
Panjab University - फोटो : amar ujala
अशोक गोयल, प्रो.केशव मल्होत्रा, एचएस दुआ और नरेश गौर ने विरोध जताया। सीनेट मीटिंग शुरू कर वीसी बाहर चले गए। सिंडीकेट में पूरे मामले को चेयर करने वाले डॉ.जरनैल सिंह ने ही सीनेट की मीटिंग को चेयर किया। 

मीटिंग की शुरुआत में ही अशोक गोयल ने पूरे मामले से जुड़े डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं कराने पर विरोध शुरू कर दिया। गोयल ने कहा कि नई जांच कमेटी बनाने के लिए सिंडीकेट में संवैधानिक तरीका नहीं अपनाया गया। 

इस मामले में जब दस्तावेज मांगे गए तो अधिकारी कोई पुख्ता जवाब नहीं दे सके। अशोक गोयल ग्रुप के सदस्यों ने  चैयरमैन और रजिस्ट्रार तक को सवालों में उलझा लिया। वे मामले में स्वतंत्र कमेटी के गठन की मांग करते रहे। कमेटी में चंडीगढ़ के बाहर के लोगों को शामिल करने की मांग की गई।

यौन उत्पीड़न मामले में अधिकतर सीनेट सदस्यों ने अपने तर्क रखे। सीनेट के वरिष्ठ सदस्य प्रो.आरपी भांभा, सतपाल जैन, अनु चतरथ, प्रो.पैम राजपूत, प्रो.रविंद्र नाथ ने भी मामले में अपना पक्ष रखा।  

पीड़ित प्रोफेसर ने कहा- इंसाफ के लिए अंत तक लड़ेगी 
यौन उत्पीड़न मामले में पीड़ित महिला प्रोफेसर ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि करीब दो साल से उन्हें जिस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, वह ही जानती हैं। 
प्रोफेसर ने पूरे मामले में सीनेट के सदस्यों के प्रति भी नाराजगी दिखाई। पूरे मामले से जुड़े कई दस्तावेज उन्होंने रजिस्ट्रार को सौंपे और उनकी रिसीविंग भी ली।  

वीसी को रजिस्ट्रार दफ्तर में फाइल दिखाने का आरोप

PU sexual abuse case: There was commotion in the meeting, a decision will Ansari
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़। - फोटो : डेमो फोटो

वीसी को रजिस्ट्रार दफ्तर में फाइल दिखाने का आरोप 
वीसी सीनेट मीटिंग से बाहर थे। अशोक गोयल ने मामले से जुड़े कुछ पत्रों में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। मामले से जुड़ी फाइल रजिस्ट्रार दफ्तर में रखी थी। एचएस दुआ और अशोक गोयल ने मामले से जुड़ी फाइलें वीसी को दिखाकर सीनेट में लाने का आरोप लगाया। गोयल ने मामले में सीसीटीवी कैमरे तक जांचने का आरोप लगाया। काफी देर बाद मामला शांत हुआ।    

नई कमेटी में बढ़ सकते हैं मेंबर 
21 जनवरी को पीयू सिंडीकेट ने सर्व सम्माति से यौन उत्पीड़न मामले में एमएचआरडी के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 8 लोगों के नाम पर सहमति बनी थी। 

जिसमें हरियाणा की पूर्व चीफ सेक्रेटरी मीनाक्षी आनंद चौधरी, सीनेटर प्रो.पैम राजपूत,प्रो.देवी सरोही, पीयू सीनेटर जस्टिस हरबंसल लाल, जस्टिस जसबीर सिंह, जीसीजी-11 की प्रिंसिपल प्रो.अनीता कौशल, यूटी प्रशासन का एक नॉमिनी और हरियाणा के पूर्व डीजीपी गुरजोत सिंह मल्ली का नाम शामिल हैं। सिंडीकेट में मीनाक्षी आनंद की जगह आईएएस अधिकारी ऊर्वशी गुलाटी के नाम पर भी चर्चा हुआ। जिसका कारण मीनाक्षी का इस समय सरकारी सेवा में नहीं होना बताया गया। सीनेट के कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि कमेटी के सदस्यों में इजाफा किया जा सकता है। 

किसने क्या कहा ...
अशोक गोयल ने कहा कि सीनेट की यह मीटिंग नियमों की अनेदेखी कर बुलाई गई है। 
-सीनेटर गुरमीत सिंह ने कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की, लेकिन प्रो.आरपी भांभा ने कैलेंडर का हवाला देकर प्रस्ताव को नहीं माना। 
-सीनेटर और पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल ने भी विचार रखे। 
-सीनेटर प्रो.शैली वालिया ने कहा कि मामले को नियमों के तहत सुलझाया जाए नहीं तो मामला कोर्ट में जा सकता है। 
-डॉ.गुरमीत ने पीयू के गेट नंबर-3 के सामने पेड़ों को काटकर नया गेट लगाने के मुद्दे को भी उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed