{"_id":"685c5e455ad87190ff0e5bfe","slug":"pu-professor-congratulates-shubhanshu-shukla-on-flying-into-space-chandigarh-news-c-16-pkl1043-746600-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में उड़ान भरने पर पीयू प्रोफेसर ने दी बधाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में उड़ान भरने पर पीयू प्रोफेसर ने दी बधाई
विज्ञापन
प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार
बोले-इस उपलब्धि के बाद युवाओं का रॉकेट और मिसाइल की ओर बढ़ेगा रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। लखनऊ के रहने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के स्पेसएक्स फाल्कन-9 रॉकेट में सवार होकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने के बाद पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। शुभांशु शुक्ला 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए। उनकी इस उपलब्धि पर पंजाब इंजीनियर कॉलेज के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि मैं भारतीय वायुसेना के परीक्षण पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेस एक्स के प्रतिष्ठित मिशन एक्सिओम 4 में भाग लेने पर बधाई देता हैं। मैं बहुत गर्व महसूस करता हूं। उनके साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री हैं और वह अंतरिक्ष प्रयोगशाला की परिक्रमा करेंगे। मिशन नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से रवाना हुआ और गंतव्य तक पहुंचने में 14 घंटे लगेंगे। पेक एयरोस्पेस समुदाय और खुद की ओर से उन्हें और उनके साथ के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित और सफल अंतरिक्ष मिशन एक्सिओम 4 के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी के साइंस विभाग के प्रो. संजीव ने कहा कि यह सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का समय है। इस शुरुआत के बाद युवाओं का रुझान साइंस के क्षेत्र खासकर, रॉकेट मिसाइल में बढ़ेगा। साइंस और टेक्नालॉजी में युवाओं की जरूरत है। स्पेस टेक्नालॉजी और मिसाइल टेक्नॉलाजी इंटिग्रेटेड हैं और आपस में एक दूसरे से संबंधित है। युवा इस क्षेत्र में आएंगे तो देश की प्रगति होगी, जो डिफेंस के लिए भी जरूरी है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। लखनऊ के रहने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के स्पेसएक्स फाल्कन-9 रॉकेट में सवार होकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरने के बाद पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। शुभांशु शुक्ला 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए। उनकी इस उपलब्धि पर पंजाब इंजीनियर कॉलेज के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि मैं भारतीय वायुसेना के परीक्षण पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेस एक्स के प्रतिष्ठित मिशन एक्सिओम 4 में भाग लेने पर बधाई देता हैं। मैं बहुत गर्व महसूस करता हूं। उनके साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री हैं और वह अंतरिक्ष प्रयोगशाला की परिक्रमा करेंगे। मिशन नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से रवाना हुआ और गंतव्य तक पहुंचने में 14 घंटे लगेंगे। पेक एयरोस्पेस समुदाय और खुद की ओर से उन्हें और उनके साथ के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित और सफल अंतरिक्ष मिशन एक्सिओम 4 के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
पंजाब यूनिवर्सिटी के साइंस विभाग के प्रो. संजीव ने कहा कि यह सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का समय है। इस शुरुआत के बाद युवाओं का रुझान साइंस के क्षेत्र खासकर, रॉकेट मिसाइल में बढ़ेगा। साइंस और टेक्नालॉजी में युवाओं की जरूरत है। स्पेस टेक्नालॉजी और मिसाइल टेक्नॉलाजी इंटिग्रेटेड हैं और आपस में एक दूसरे से संबंधित है। युवा इस क्षेत्र में आएंगे तो देश की प्रगति होगी, जो डिफेंस के लिए भी जरूरी है।
विज्ञापन