{"_id":"61a70d7c45b0fe712443d60e","slug":"pu-officers-disobeyed-the-orders-of-the-chancellor-get-them-investigated-chandigarh-news-pkl4346441154","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू के अफसरों ने की चांसलर के आदेशों की अवहेलना, करवाएं जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू के अफसरों ने की चांसलर के आदेशों की अवहेलना, करवाएं जांच
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को चांसलर एवं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शिकायत के बाद यह कहा था कि एडहॉक पर चल रहे पदों को भरने के लिए क्या कार्रवाई अमल में लाई गई। इस संबंध में पीयू का क्या कहना है कि इस पर अब तक कोई उचित कदम नहीं उठाए गए। शिकायतकर्ता को भी अवगत नहीं करवाया। अब शिकायतकर्ता ने फिर चांसलर को पत्र लिखकर कहा है कि चांसलर के आदेशों की अवहेलना की गई है। इस प्रकरण की जांच करवाएं और एडहॉक पर चल रहे पदों को स्थायी रिक्तियों से भरा जाए।
पीयू के पूर्व सीनेटर डॉ. सुभाष शर्मा ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने चांसलर को भेजी चिट्ठी में कहा था कि विश्वविद्यालय में वीसी को छोड़कर सभी महत्वपूर्ण पद एडहॉक अधिकारियों से चलाए जा रहे हैं, जिन में प्रमुख रूप से रजिस्ट्रार, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, चीफ लाइब्रेरियन, डायरेक्टर यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल, डायरेक्टर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, डायरेक्टर स्पोर्ट्स जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
डॉ. शर्मा ने पीएम, गृहमंत्री को भी दी जानकारी
डॉ. सुभाष शर्मा ने यह भी कहा था कि विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसी स्थिति कभी नहीं रही। इस प्रकरण को जानने के बाद चांसलर कार्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया और वीसी से जवाब मांगा। डॉ. सुभाष का कहना है कि पीयू के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। एक माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई से उन्हें अवगत नहीं करवाया है। इस प्रकरण की जांच होनी चाहिए। साथ ही पदों पर स्थायी नियुक्तियां हों। उन्होंने इस प्रकरण को पीएम, गृहमंत्री को भी अवगत कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीयू के पूर्व सीनेटर डॉ. सुभाष शर्मा ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने चांसलर को भेजी चिट्ठी में कहा था कि विश्वविद्यालय में वीसी को छोड़कर सभी महत्वपूर्ण पद एडहॉक अधिकारियों से चलाए जा रहे हैं, जिन में प्रमुख रूप से रजिस्ट्रार, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, एनएसएस प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, चीफ लाइब्रेरियन, डायरेक्टर यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल, डायरेक्टर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, डायरेक्टर स्पोर्ट्स जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
विज्ञापन
डॉ. शर्मा ने पीएम, गृहमंत्री को भी दी जानकारी
डॉ. सुभाष शर्मा ने यह भी कहा था कि विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसी स्थिति कभी नहीं रही। इस प्रकरण को जानने के बाद चांसलर कार्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया और वीसी से जवाब मांगा। डॉ. सुभाष का कहना है कि पीयू के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। एक माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई से उन्हें अवगत नहीं करवाया है। इस प्रकरण की जांच होनी चाहिए। साथ ही पदों पर स्थायी नियुक्तियां हों। उन्होंने इस प्रकरण को पीएम, गृहमंत्री को भी अवगत कराया है।
विज्ञापन