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पीयू ने हाईकोर्ट में दाखिल किया 23 पेज का जवाब
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने सीनेट चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में 23 पेज का जवाब दाखिल किया है। दायर याचिका में उठाए गए सभी सवालों के जवाब एक-एक कर दिए गए हैं। यह भी कहा है कि इस प्रकरण में याची की ओर से पार्टी केंद्र सरकार को भी बनाया जाना चाहिए था।
सीनेट चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने पीयू से 15 जनवरी तक जवाब मांगा था। साथ ही लगाया गया जुर्माना पीयू को जमा करना था, लेकिन यह नहीं किया गया और हाईकोर्ट में सीधे जवाब दाखिल करने पहुंच गए। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी दिखाई। उसके बाद पीयू की ओर से 23 पेज का जवाब हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। पीयू की ओर से कहा गया है कि याची की ओर से जो बात कोर्ट को बताई गई है वह पूरी तरह ठीक नहीं है। एक तरह से कोर्ट को गुमराह करने जैसा है। यह भी कहा गया है कि यह मुद्दा केंद्र से भी जुड़ा है। ऐसे में उसे भी पार्टी बनाया जाना चाहिए था। जवाब में पीयू की ओर से सीनेट चुनाव करवाने को लेकर उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया गया है। सीनेट चुनाव कहां-कहां होते हैं और उसकी व्यवस्थाएं क्या-क्या होती हैं, यह भी बताया गया है। यह भी कहा है कि सीनेट का कार्यकाल खत्म होने के बाद पीयू का संचालन अच्छे ढंग से हो रहा है। कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। अब देखना है कि इन जवाबों से हाईकोर्ट संतुष्ट होता है या नहीं।
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सीनेट चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने पीयू से 15 जनवरी तक जवाब मांगा था। साथ ही लगाया गया जुर्माना पीयू को जमा करना था, लेकिन यह नहीं किया गया और हाईकोर्ट में सीधे जवाब दाखिल करने पहुंच गए। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी दिखाई। उसके बाद पीयू की ओर से 23 पेज का जवाब हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। पीयू की ओर से कहा गया है कि याची की ओर से जो बात कोर्ट को बताई गई है वह पूरी तरह ठीक नहीं है। एक तरह से कोर्ट को गुमराह करने जैसा है। यह भी कहा गया है कि यह मुद्दा केंद्र से भी जुड़ा है। ऐसे में उसे भी पार्टी बनाया जाना चाहिए था। जवाब में पीयू की ओर से सीनेट चुनाव करवाने को लेकर उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया गया है। सीनेट चुनाव कहां-कहां होते हैं और उसकी व्यवस्थाएं क्या-क्या होती हैं, यह भी बताया गया है। यह भी कहा है कि सीनेट का कार्यकाल खत्म होने के बाद पीयू का संचालन अच्छे ढंग से हो रहा है। कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। अब देखना है कि इन जवाबों से हाईकोर्ट संतुष्ट होता है या नहीं।
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