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डेढ़ साल बाद खुले पीयू के द्वार, पहले दिन पहुंचे 50 फीसदी छात्र
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चंडीगढ़। डेढ़ साल के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी के द्वार विद्यार्थियों के लिए सोमवार को खुल गए। पहले दिन तीन विभागों में 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे। वहीं भौतिक विज्ञान विभाग में गिनती के ही विद्यार्थी आए, क्योंकि इन विद्यार्थियों की कक्षाएं अभी ऑनलाइन चल रही हैं। प्रयोगशाला खोलने पर निर्णय मंगलवार को होगा। डेंटल कॉलेज, रसायन विज्ञान विभाग व फार्मास्युटिकल विभाग में ऑफलाइन कक्षाएं लगीं। छात्रों की संख्या एक-दो दिन में बढ़ने की संभावनाएं हैं। कुछ विद्यार्थी छात्रावासों के लिए आवेदन करते नजर आए।
पहले दिन छात्रों ने बताए कोविड काल के अनुभव
पीयू में सुबह नौ बजे वही शोधार्थी नजर आए जो कई दिनों से शोध कार्य में जुटे थे। उसके बाद कुछ छात्र विभागों में पहुंचे। पहले दिन भौतिक विज्ञान विभाग, रसायन विज्ञान विभाग, फार्मास्युटिकल विज्ञान विभाग, डेंटल कॉलेज के परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया गया था। एम फार्मा अंतिम वर्ष के 27 छात्रों ने पहले दिन भाग लिया। कुछ छात्र मंगलवार तक पहुंचेंगे। इन विद्यार्थियों का कार्य प्रेक्टिकल अधिक है। ऐसे में पहले दिन प्रयोग करवाए गए। इस विभाग के लगभग 50 विद्यार्थियों में से चार लड़के व 8 लड़कियों को ही छात्रावास मिलेंगे। बाकी विद्यार्थी रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। कोई पीजी तलाश रहा है तो कोई अन्य कमरा। विभागाध्यक्ष प्रो. इंदु पाल कौर का कहना है कि पहले दिन 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे हैं। कुछ मंगलवार तक आएंगे। कुछ छात्रों ने कक्षाओं में पहुंचकर कोविड काल के अनुभव साझा किए।
कुछ ही छात्रों को मिल पाएगी छात्रावास की सुविधा
रसायन विज्ञान विभाग में भी परास्नातक अंतिम वर्ष के 20 छात्र ही पहुंचे। इनकी संख्या आधी ही रही। कुछ छात्र दो से चार दिन में पहुंचेंगे। विभागाध्यक्ष डॉ. केएन सिंह का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक 30 विद्यार्थी प्रयोगशालाओं में हिस्सा लेंगे। विद्यार्थी छात्रावासों में रहने की व्यवस्था में लगे हैं। भौतिक विज्ञान विभाग के तीन से चार विद्यार्थी पहुंचे। इनकी पढ़ाई अभी ऑनलाइन ही है, इसलिए छात्र कम रहे। आने वाले छात्रों ने विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव पुरी से संपर्क किया। छात्रावास मुहैया कराने की बात की। विभागाध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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कोरोना वैक्सीन लगवाकर पहुंचे थे छात्र
डेंटल कॉलेज में बीडीएस तीसरे बैच के विद्यार्थी पहुंचे। इनकी संख्या भी लगभग 50 फीसदी रही। इन विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑफलाइन शुरू हुईं। बाकी विद्यार्थी भी एक-दो दिन में कक्षाओं में पहुंचेंगे। छात्र हिमांशु शर्मा, विनोद सिंह आदि का कहना है कि एक साल बाद ऑफलाइन कक्षाओं में आए हैं। अब तक ऑनलाइन ही पढ़ रहे थे। ऑफलाइन कक्षाएं अधिक प्रभावी होंगी। वहीं दूसरी ओर आए विद्यार्थियों ने कोविड जांच प्रमाण पत्र विभागों में दिखाए। साथ ही कोरोना टीकाकरण प्रमाण पत्र भी साथ लेकर आए। अधिकांश ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक भी ली हुई थी।
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पहले दिन छात्रों ने बताए कोविड काल के अनुभव
पीयू में सुबह नौ बजे वही शोधार्थी नजर आए जो कई दिनों से शोध कार्य में जुटे थे। उसके बाद कुछ छात्र विभागों में पहुंचे। पहले दिन भौतिक विज्ञान विभाग, रसायन विज्ञान विभाग, फार्मास्युटिकल विज्ञान विभाग, डेंटल कॉलेज के परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया गया था। एम फार्मा अंतिम वर्ष के 27 छात्रों ने पहले दिन भाग लिया। कुछ छात्र मंगलवार तक पहुंचेंगे। इन विद्यार्थियों का कार्य प्रेक्टिकल अधिक है। ऐसे में पहले दिन प्रयोग करवाए गए। इस विभाग के लगभग 50 विद्यार्थियों में से चार लड़के व 8 लड़कियों को ही छात्रावास मिलेंगे। बाकी विद्यार्थी रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। कोई पीजी तलाश रहा है तो कोई अन्य कमरा। विभागाध्यक्ष प्रो. इंदु पाल कौर का कहना है कि पहले दिन 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे हैं। कुछ मंगलवार तक आएंगे। कुछ छात्रों ने कक्षाओं में पहुंचकर कोविड काल के अनुभव साझा किए।
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कुछ ही छात्रों को मिल पाएगी छात्रावास की सुविधा
रसायन विज्ञान विभाग में भी परास्नातक अंतिम वर्ष के 20 छात्र ही पहुंचे। इनकी संख्या आधी ही रही। कुछ छात्र दो से चार दिन में पहुंचेंगे। विभागाध्यक्ष डॉ. केएन सिंह का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक 30 विद्यार्थी प्रयोगशालाओं में हिस्सा लेंगे। विद्यार्थी छात्रावासों में रहने की व्यवस्था में लगे हैं। भौतिक विज्ञान विभाग के तीन से चार विद्यार्थी पहुंचे। इनकी पढ़ाई अभी ऑनलाइन ही है, इसलिए छात्र कम रहे। आने वाले छात्रों ने विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव पुरी से संपर्क किया। छात्रावास मुहैया कराने की बात की। विभागाध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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कोरोना वैक्सीन लगवाकर पहुंचे थे छात्र
डेंटल कॉलेज में बीडीएस तीसरे बैच के विद्यार्थी पहुंचे। इनकी संख्या भी लगभग 50 फीसदी रही। इन विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑफलाइन शुरू हुईं। बाकी विद्यार्थी भी एक-दो दिन में कक्षाओं में पहुंचेंगे। छात्र हिमांशु शर्मा, विनोद सिंह आदि का कहना है कि एक साल बाद ऑफलाइन कक्षाओं में आए हैं। अब तक ऑनलाइन ही पढ़ रहे थे। ऑफलाइन कक्षाएं अधिक प्रभावी होंगी। वहीं दूसरी ओर आए विद्यार्थियों ने कोविड जांच प्रमाण पत्र विभागों में दिखाए। साथ ही कोरोना टीकाकरण प्रमाण पत्र भी साथ लेकर आए। अधिकांश ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक भी ली हुई थी।