{"_id":"699fa840ec832a76bc0cdd9d91f5bc42","slug":"pu-campus-jaam","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू कैंपस में चक्का जाम, छात्र संगठनों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू कैंपस में चक्का जाम, छात्र संगठनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 21 Mar 2014 01:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस (पीयू) में फीस बढ़ाने और 9 छात्रों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने का मामला वीरवार को भी सुलझ नहीं सका।
एसएफएस और एसएफआई के बाद अन्य छात्र संगठन भी मामले को लेकर पीयू की सड़कों पर उतर आए। वीरवार को पूरे कैंपस में चक्का जाम जैसी स्थिति रही। वीसी दफ्तर के बाहर देर शाम तक विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा।
मांगों को लेकर वीरवार सुबह 10 बजे लॉ विभाग पर ताला जड़ दिया गया। इनसो और अन्य छात्र संगठन भी विरोध प्रदर्शन करने वालों में शामिल हो गए।
कक्षाओं में बैठे विद्यार्थियों को जबर्दस्ती बाहर निकाला गया। देखते ही देखते स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। सभी विभागों से विद्यार्थियों को निकालकर वीसी दफ्तर के सामने धरना स्थल पर एकजुट किया गया।
दोपहर करीब एक बजे तक सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीयू कैंपस में झंकार को लेकर लगाए गए सभी होर्डिंग को भी फाड़ दिया गया।
विज्ञापन
पीयू मार्केट और स्टूडेंट सेंटर की दुकानों पर लगे ताले
छात्र नेताओं ने पहले पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट सेंटर की दुकानों को बंद कराया। छात्र नेताओं और दुकानदारों की इस बात को लेकर काफी देर तक कहासुनी भी हुई।
उधर करीब 1.30 बजे करीब 20-25 छात्र नेता और उनके समर्थकों ने पीयू कैंपस मार्केट में जाकर भी जबर्दस्ती दुकानों को बंद करवा दिया।
मार्केट के कुछ दुकानदारों द्वारा विरोध करने पर छात्र नेताओं ने जबर्दस्ती शुरू कर दी। पीयू मार्केट स्थित एक मिठाई की दुकान पर छात्र नेताओं और मालिक के बीच जमकर बहस हुई। काफी कहा सुनी के बाद छात्र नेताओं ने खुद की सामान उठाकर दुकान के अंदर रख दिया।
कुलपति खेद जताने आए छात्रों के बीच
तीन दिन से पीयू कैंपस में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद आखिर वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर विद्यार्थियों के बीच पहुंचे।
दोपहर बाद प्रो.ग्रोवर ने पीयू कैंपस में विद्यार्थियों के खिलाफ हुई मामले को लेकर खेद जाता। कुलपति ने खेद पत्र छात्रों की मौजूदगी में ही पढ़ा, लेकिन वह विद्यार्थियों के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना ही लौट गए।
एक और दो नंबर गेट किया बंद
छात्र नेताओं ने वीरवार को पूरे पीयू कैंपस को जाम कर दिया। गेट नंबर 1 और 2 को दोपहर बाद से ही पूरी तरह से बंद कर दिया।
गेट नंबर 3 से आवाजाही हुई, लेकिन गाड़ियों की लंबी कतार से जाम लग गया। पीयू कर्मचारियों को इससे काफी दिक्कत उठानी पड़ी। पीयू अधिकारियों ने गेट बंद किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया और मामले में पुलिस कार्रवाई तक की धमकी दे डाली, लेकिन विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर इसका भी कोई असर नहीं आ।
दिनभर चला मीटिंग का दौर
पीयू कैंपस में खराब होते माहौल के बाद पीयू प्रशासन को भी बैकफुट पर आना पड़ा। वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, डीएसडबल्यू प्रो.नवदीप गोयल और अन्य अधिकारियों की सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधितियों के साथ 2-3 बार मीटिंग का दौर चला।
पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने छात्र नेताओं को फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को फिर से 22 मार्च को सीनेट में लाने का प्रस्ताव रखा।
9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में दर्ज केस में भी सकारात्मक भूमिका की बात कही। दोनों पक्षों में मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकला। शाम को फिर से कुलपति दफ्तर के सामने नारेबाजी का दौर शुरू हो गया।
9 विद्यार्थियों को मिली जमानत
मंगलवार को पुलिस और विद्यार्थियों के बीच हुई हिंसक वारदात के बाद 9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया था। वीरवार को सभी को आरोपी विद्यार्थियों को जमानत दे दी गई।
टैंट लगाने पर हुआ हंगामा
शाम करीब 6 बजे वीसी दफ्तर के सामने टैंट लगाने को लेकर पीयू अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच जमकर विवाद हुआ, लेकिन बाद में छात्रों ने गेट से कुछ हटकर टैंट लगा ही लिया। उधर शाम को पीयू की इवनिंग विभाग में भी कक्षाओं का बहिष्कार किया गया।
तीन दिन से पीयू में काम ठप
पीयू कैंपस में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के कारण तीन दिन से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुआ है। कुलपति से लेकर सभी अन्य आला अधिकारी मामले को सुलझाने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार कई महत्वपूर्ण फाइलें क्लीयर होने से लटकी पड़ी हैं। पहले से तय इंटरव्यू और अन्य नियुक्तियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन
एसएफएस और एसएफआई के बाद अन्य छात्र संगठन भी मामले को लेकर पीयू की सड़कों पर उतर आए। वीरवार को पूरे कैंपस में चक्का जाम जैसी स्थिति रही। वीसी दफ्तर के बाहर देर शाम तक विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा।
मांगों को लेकर वीरवार सुबह 10 बजे लॉ विभाग पर ताला जड़ दिया गया। इनसो और अन्य छात्र संगठन भी विरोध प्रदर्शन करने वालों में शामिल हो गए।
कक्षाओं में बैठे विद्यार्थियों को जबर्दस्ती बाहर निकाला गया। देखते ही देखते स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। सभी विभागों से विद्यार्थियों को निकालकर वीसी दफ्तर के सामने धरना स्थल पर एकजुट किया गया।
विज्ञापन
दोपहर करीब एक बजे तक सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीयू कैंपस में झंकार को लेकर लगाए गए सभी होर्डिंग को भी फाड़ दिया गया।
विज्ञापन
पीयू मार्केट और स्टूडेंट सेंटर की दुकानों पर लगे ताले
छात्र नेताओं ने पहले पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट सेंटर की दुकानों को बंद कराया। छात्र नेताओं और दुकानदारों की इस बात को लेकर काफी देर तक कहासुनी भी हुई।
उधर करीब 1.30 बजे करीब 20-25 छात्र नेता और उनके समर्थकों ने पीयू कैंपस मार्केट में जाकर भी जबर्दस्ती दुकानों को बंद करवा दिया।
मार्केट के कुछ दुकानदारों द्वारा विरोध करने पर छात्र नेताओं ने जबर्दस्ती शुरू कर दी। पीयू मार्केट स्थित एक मिठाई की दुकान पर छात्र नेताओं और मालिक के बीच जमकर बहस हुई। काफी कहा सुनी के बाद छात्र नेताओं ने खुद की सामान उठाकर दुकान के अंदर रख दिया।
कुलपति खेद जताने आए छात्रों के बीच
तीन दिन से पीयू कैंपस में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद आखिर वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर विद्यार्थियों के बीच पहुंचे।
दोपहर बाद प्रो.ग्रोवर ने पीयू कैंपस में विद्यार्थियों के खिलाफ हुई मामले को लेकर खेद जाता। कुलपति ने खेद पत्र छात्रों की मौजूदगी में ही पढ़ा, लेकिन वह विद्यार्थियों के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना ही लौट गए।
एक और दो नंबर गेट किया बंद
छात्र नेताओं ने वीरवार को पूरे पीयू कैंपस को जाम कर दिया। गेट नंबर 1 और 2 को दोपहर बाद से ही पूरी तरह से बंद कर दिया।
गेट नंबर 3 से आवाजाही हुई, लेकिन गाड़ियों की लंबी कतार से जाम लग गया। पीयू कर्मचारियों को इससे काफी दिक्कत उठानी पड़ी। पीयू अधिकारियों ने गेट बंद किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया और मामले में पुलिस कार्रवाई तक की धमकी दे डाली, लेकिन विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर इसका भी कोई असर नहीं आ।
दिनभर चला मीटिंग का दौर
पीयू कैंपस में खराब होते माहौल के बाद पीयू प्रशासन को भी बैकफुट पर आना पड़ा। वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, डीएसडबल्यू प्रो.नवदीप गोयल और अन्य अधिकारियों की सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधितियों के साथ 2-3 बार मीटिंग का दौर चला।
पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने छात्र नेताओं को फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को फिर से 22 मार्च को सीनेट में लाने का प्रस्ताव रखा।
9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में दर्ज केस में भी सकारात्मक भूमिका की बात कही। दोनों पक्षों में मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकला। शाम को फिर से कुलपति दफ्तर के सामने नारेबाजी का दौर शुरू हो गया।
9 विद्यार्थियों को मिली जमानत
मंगलवार को पुलिस और विद्यार्थियों के बीच हुई हिंसक वारदात के बाद 9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया था। वीरवार को सभी को आरोपी विद्यार्थियों को जमानत दे दी गई।
टैंट लगाने पर हुआ हंगामा
शाम करीब 6 बजे वीसी दफ्तर के सामने टैंट लगाने को लेकर पीयू अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच जमकर विवाद हुआ, लेकिन बाद में छात्रों ने गेट से कुछ हटकर टैंट लगा ही लिया। उधर शाम को पीयू की इवनिंग विभाग में भी कक्षाओं का बहिष्कार किया गया।
तीन दिन से पीयू में काम ठप
पीयू कैंपस में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के कारण तीन दिन से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुआ है। कुलपति से लेकर सभी अन्य आला अधिकारी मामले को सुलझाने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार कई महत्वपूर्ण फाइलें क्लीयर होने से लटकी पड़ी हैं। पहले से तय इंटरव्यू और अन्य नियुक्तियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।