चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से बुधवार को अकादमिक काउंसिल की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें इस सत्र में ही स्नातक में लागू की जा रही नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव को मंजूरी दी गई। सीनेट में हुए फैसले के अनुसार बीए के सभी वर्षों में पंजाबी पढ़ाई जाएगी। वहीं पीयू की अकादमिक काउंसिल में बीए, बीएससी, बीकॉम के पहले वर्ष के पाठ्यक्रम को मंजूरी दी गई है। इसे इस सत्र में सिर्फ पीयू परिसर के विभागों में ही पढ़ाया जाएगा। कॉलेजों में इसे अगले सत्र से लागू किया जाएगा।
डीयूआई प्रो. रुमिना सेठी ने बताया कि एनईपी के तहत अंडर ग्रेजुएशन कोर्स में फैकल्टी की ओर से तय पाठ्यक्रम को अकादमिक काउंसिल ने बिना बदलाव के पास कर दिया। पीयू में नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को दूसरे साल में अपने प्रमुख विषय को बदलने का मौका मिलेगा। उम्मीदवार को पहले वर्ष में मूल विषय के साथ एक अतिरिक्त विषय का चयन करना होगा। पहला वर्ष पूरा करने के बाद उम्मीदवार को विकल्प दिया जाएगा कि वो अपने मूल विषय को अतिरिक्त और अतिरिक्त विषय को मूल में बदल सकता है। इससे अगर छात्र की मूल विषय में रुचि नहीं बन पाई तो उसे दूसरे वर्ष में एक मौका मिल सकेगा। इसके अलावा छात्रों को बहु-विषयक पाठ्यक्रम, योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम, मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे।