हौसले को सलाम: दिवाली पर परिवार से दूर फर्ज निभाने में जुटे, जनता की सेवा पर गर्व है इन्हें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली खुशी, उल्लास और उमंग का त्योहार है। सभी लोग परिवार के साथ खुशियां साझा करते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अपने परिवार से दूर जनता की सेवा में तैनात हैं। इनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी, नर्सिंग स्टाफ और फायर बिग्रेड कर्मी आदि शामिल हैं। संकट के घड़ी में ये लोग हमेशा तत्पर रहते हैं। इनका कहना है कि जनता की सेवा कर खुद पर गर्व महसूस करते हैं।
नसीब वालों को मिलता है जनता की सेवा करने का मौका
परिवार के साथ दीपावली मनाने का मौका तो हर किसी को मिलता है लेकिन जनता की सेवा करने का मौका किसी-किसी को मिलता है। हर साल दीपावली पर मेरी ड्यूटी लगती है। हम ड्यूटी पर ही एक-दूसरे को बधाई देकर त्योहार मनाते हैं। दिवाली के दिन आग लगने का खतरा रहता है। इसलिए लोगों की सुरक्षा के लिए मैं हमेशा तैयार रहूंगा। -भूपिंदर सिंह, फायरमैन
मरीजों के लिए जलाती हूं दीये
परिवार के साथ-साथ जहां नौकरी करते हैं, वहां के लोग भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। ड्यूटी के दौरान मरीजों को ही अपना परिवार समझना चाहिए। पिछले तीन साल से हर दिवाली पर ड्यूटी लगती है। मरीजों के साथ ही दिवाली मनाती हूं। मरीजों को बुरा न लगे इसलिए उनके लिए रंगोली और दीये भी जलाती हूं। -शिवानी ठाकुर, पीजीआई नर्सिंग ऑफिसर
बधाई देने पर मरीजों के चेहरे पर छा जाती है खुशी
जितनी महत्वपूर्ण हमारे लिए दिवाली है, उतनी ही महत्वपूर्ण ड्यूटी भी है। यदि हम दिवाली मनाएंगे तो जो लोग दुख में हैं उनकी सहायता कौन करेगा। हमें खुद से ज्यादा दूसरों के बारे में सोचना चाहिए। दिवाली के दिन जब मरीजों को हम बधाई देते हैं तो उनके चेहरे पर भी खुशी छा जाती है। वह हमें ही अपना परिवार समझने लगते हैं। -अर्पण मंजनीक, पीजीआई नर्सिंग ऑफिसर
लोगों की सेवा कर मनाती हूं दिवाली
मेरे दो छोटे बच्चे हैं, वे दिवाली पर मुझे मिस करते हैं, लेकिन एक पुलिसकर्मी के लिए उसकी ड्यूटी परिवार से पहले होती है। लोगों की सेवा करना हमारा पहला धर्म है। दिवाली खुशियां बांटने का त्यौहार है, कोई घटना ना हो इसलिए ड्यूटी को अहमियत देती हूं। हर बार लोगों की सेवा कर ही मैं दिवाली मनाती हूं। - सरिता रॉय, सेक्टर- 43 चौकी इंचार्ज।
दिवाली के दिन ड्यूटी करने पर होता है गर्व
मेरी ड्यूटी सेक्टर- 38 में होती है। दीपावली की रात मेरी ड्यूटी 39/40 में गश्त के लिए लगी है। हर साल दीपावली के दिन कहीं न कहीं आग लग जाती है। हर साल मेरी ड्यूटी लगती है। यदि एक तरफ परिवार की याद आती है तो दूसरी तरफ ड्यूटी देने पर गर्व भी महसूस होता है। हमारे काम से लोगों की सुरक्षा जुड़ी हुई है। यह मेरे लिए खुशी की बात है। दलबीर सिंह, फायरमैन