अब पंजाब में बना 'शाहीन बाग', सीएए के खिलाफ प्रदर्शन जारी, जुटे सभी धर्म के लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना के संगठनों ने बुधवार को शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अगुवाई में दिल्ली के शाहीन बाग की तरह नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार रोष प्रदर्शन शुरू किया। दाना मंडी में शुरू हुए रोष प्रदर्शन आगाज सर्व धर्मों की प्रार्थनाओं के साथ किया गया।
श्री नील कंठ महादेव सभा से परमिंदर मेहता के आचार्य शिव शंकर, धर्मिदर शर्मा ने गायत्री मंत्र पढ़ा, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से आए ज्ञानी हरजीत सिंह, ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने अरदास की, लुधियाना के चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के पादरी प्रेम शारदा ने प्रार्थना की और नाइब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कुरान शरीफ पढ़ने के बाद दुआ कराई।
रोष प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि भारत में किसी को भी सांप्रदायिकता के आधार पर गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत की यह विशेषता है कि यहां अनेकता में एकता है और किसी भी ताकत को इस विशेषता के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून धर्म आधारित बनाने के बाद लोगों के अंदर यह भावना पैदा हो गई है कि कुछ ताकतें देश के संविधान को बलना चाहती हैं। नायब शाही इमाम ने कहा कि बाबा साहिब डा. भीमराव आंबेडकर का संविधान संपूर्ण रूप से भारत के प्रत्येक नागरिक को हर तरह की आजादी देता है।
सिख भाईचारे ने लगाया लंगर
प्रदर्शन में सिख भाईचारे की तरफ से सरदार गुरप्रीत सिंह विंकल ने बताया कि देश की एकता और अखंडता के लिए यहां एकत्रित हुए सभी भाई-बहनों के लिए पहले दिन लंगर की सेवा गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहब की तरफ से की गई है। उन्होंने कहा कि सिख पंथ ने हमेशा ही हक और इंसाफ के लिए मजलूम का साथ दिया है। भारत की एकता और अखंडता के लिए हम सब देशवासी एक साथ हैं।