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पीजीआई प्रशासन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
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चंडीगढ़। पीजीआई इम्प्लाई यूनियन नॉन-फैकल्टी के बैनर तले कर्मचारियों ने शनिवार को कार व स्कूटर रैली निकालकर प्रशासन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में पीजीआई प्रशासन का पुतला दहन करके मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करके पीजीआई प्रशासन मनमानी कर रहा है। 28 साल के बाद कर्मचारियों को उच्चतम न्यायालय से जिस केस में जीत हासिल हुई है, उसे भी लागू करने में पीजीआई प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि पीजीआई मेडिकल टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के केस में सेकंड कैडर रिव्यू की सिफारिशों को लागू करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने आदेश दे दिया है। फिर भी उसे लागू न करते हुए कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पेशेंट केयर एलाउंस जिसे उच्चतम न्यायालय के साथ ही वित्त व स्वास्थ्य मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है, उसे भी लागू करने में अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही बैकलॉग प्रमोशन स्कीम के तहत 8 साल पर प्रत्येक कर्मचारी को पदोन्नत किए जाने की योजना को भी उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद लागू नहीं किया जा रहा है। ये तीनों ही केस 28 साल बाद जीते गए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसलिए कर्मचारी एकजुट होकर पीजीआई प्रशासन की अनदेखी की निंदा कर रहे हैं। इसी क्रम में निश्चित समय तय करके किसी शनिवार को रैली निकालकर गवर्नर को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करके पीजीआई प्रशासन मनमानी कर रहा है। 28 साल के बाद कर्मचारियों को उच्चतम न्यायालय से जिस केस में जीत हासिल हुई है, उसे भी लागू करने में पीजीआई प्रशासन ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि पीजीआई मेडिकल टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के केस में सेकंड कैडर रिव्यू की सिफारिशों को लागू करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने आदेश दे दिया है। फिर भी उसे लागू न करते हुए कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा पेशेंट केयर एलाउंस जिसे उच्चतम न्यायालय के साथ ही वित्त व स्वास्थ्य मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है, उसे भी लागू करने में अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही बैकलॉग प्रमोशन स्कीम के तहत 8 साल पर प्रत्येक कर्मचारी को पदोन्नत किए जाने की योजना को भी उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद लागू नहीं किया जा रहा है। ये तीनों ही केस 28 साल बाद जीते गए हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसलिए कर्मचारी एकजुट होकर पीजीआई प्रशासन की अनदेखी की निंदा कर रहे हैं। इसी क्रम में निश्चित समय तय करके किसी शनिवार को रैली निकालकर गवर्नर को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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