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कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ने का विरोध, राजभवन घेरने निकले लोगों को पुलिस ने रोका

Sat, 23 Apr 2022 01:27 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 01:27 AM IST
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Protest against breaking colony number-4, police stopped people who came out to besiege Raj Bhavan
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शनिवार तक कॉलोनी नंबर-4 को खाली करने का आदेश दिया है। इसके विरोध में शुक्रवार को कॉलोनी के सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। ये लोग पंजाब राजभवन की तरफ कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद सैकड़ों लोग इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। इसे देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
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प्रदर्शन में कॉलोनी के लोगों के साथ धरने पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग व पार्षद भी शामिल हुए। सुबह करीब 10 बजे लोग कॉलोनी नंबर-4 के बाहर एकत्रित हुए और राजभवन जाने के लिए निकले लेकिन उन्हें कॉलोनी के पुराने सरकारी स्कूल के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ईस्ट नीतिश कुमार मौके पर पहुंचे। आप नेताओं ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जब तक सभी को पक्के मकान नहीं मिल जाते, कॉलोनी को न तोड़ जाए।
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एसडीएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह डीसी समेत अन्य अधिकारियों से चर्चा करेंगे, तब तक कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद सभी लोग अपने घरों को वापस लौटे। करीब डेढ़ घंटे तक लोगों ने सड़क जाम रखी। लोगों का कहना है कि जिनके पास वर्ष 2006 का बायोमीट्रिक सर्वे और अन्य दस्तावेज हैं, उन्हें मकान देने के बाद ही कॉलोनी तोड़ी जाए। बताया कि अभी कॉलोनी में 8-10 हजार लोग रहते हैं। उनके बच्चे चंडीगढ़ के विभिन्न स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में अगर उनके घर तोड़ दिए जाएंगे, तो वह कहां जाएंगे। प्रदर्शन में आप के उपाध्यक्ष विक्रम धवन, महासचिव विजय पाल सिंह, कॉलोनी सेल इंचार्ज राजिंदर हिन्दुस्तानी, महासचिव गुरदेव यादव, पार्षद नेहा, प्रेम लता, रामचंद्र यादव, जसविंदर कौर, जसवीर सिंह, योगेश ढींगरा उपस्थित रहे।
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मलोया में 600 से ज्यादा मकान खाली, फिर क्यों नहीं किया जा रहा आवंटन
प्रदर्शन में पहुंचे लोगों ने कहा कि प्रशासन ने शहर को स्लम फ्री बनाने के लिए मलोया में 4960 फ्लैट्स बनाए थे। उनमें से करीब 2500 फ्लैट कॉलोनी नंबर-4 के लोगों को 2019 में अलॉट किए हैं और 1708 फ्लैट्स किफायती किराया आवासीय योजना के तहत आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा भी कई बार ड्रॉ निकाले गए हैं और कुछ लोगों को मकान अलॉट हुए हैं। हालांकि अभी भी मलोया में 600 से ज्यादा फ्लैट खाली है। लोगों का कहना है कि वह मकान ढाई साल से खाली पड़े हैं और जर्जर हो रहे हैं। प्रशासन लोगों की छत छीनना चाहता है। अगर लोगों की मदद करना चाहता तो जिन लोगों के पास बायोमीट्रिक सर्वे के दस्तावेज हैं, उन्हें मकान देना चाहिए। लोगों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उन्हें छत नहीं दी जाएगी, वह कॉलोनी को खाली नहीं करेंगे।
इसे कहते हैं गरीब हटाओ : मनीष तिवारी
पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने कॉलोनी नंबर-4 को तोड़े जाने का विरोध किया है। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया कि चंडीगढ़ प्रशासन बुल्डोजर चलाकर लोगों को भगाना चाहता है। इसे गरीब हटाओ कहते हैं, न कि गरीबी हटाओ। उन्होंने कहा कि ये लोग चंडीगढ़ के अमीर और संपन्न लोगों को सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

वर्जन---
दो महीने पहले लोगों को नोटिस दिया गया था। दो दिन पहले कॉलोनी के लोगों के कुछ प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी। शुक्रवार को लोग सड़क पर उतर आए। उनसे बातचीत की और मांगों को सुना है। उसके बाद डीसी को उनकी मांगों से अवगत कराया है। कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से फैसला लिया जाना बाकी है। -नीतिश सिंगला, एसडीएम ईस्ट
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