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प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ितों के लिए बड़ी राहत
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Nov 2013 09:24 AM IST
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भारत में सीनियर सिटीजनों में प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रोस्टेट कैंसर भारत की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरेगी।
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पहले यह बीमारी 60-70 वर्ष की उम्र में सामने आती थी, लेकिन अब यह 40 के बाद से ही शुरू हो रही है। हालांकि, इस बीमारी का पुख्ता इलाज उपलब्ध है।
इसका इलाज अब तक लेजर विधि से किया जा रहा है, जिसमें करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्चा आता था, लेकिन अब नई तकनीक से आधे रेट में इलाज संभव हो गया है।
बाइपोलर प्लाज्मा प्रोस्टेट सर्जरी से इस कैंसर का इलाज 20 हजार रुपये में संभव है। लेजर विधि में फाइबर व अन्य समान खरीदना पड़ता था, जो काफी महंगा था।
बाइपोलर सर्जरी में फाइबर का कोई काम नहीं। इसमें करेंट से प्रोस्टेट के चिप्स को काटा जाता है। इसमे करेंट से एनर्जी लेकर इस विधि से इलाज बहुत ही आसान तरीके से किया जाता है।
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पीजीआई में आयोजित यूरोलॉजी कांफ्रेंस 2013 में बाइपोलर सर्जरी का लाइव डेमो दिखाया गया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. राजीव सूद ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बाइपोलर सर्जरी से मरीज अगले दिन ही घर जा सकता है।
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इस विधि से इलाज में ब्लीडिंग नहीं होती। साथ ही हाई रिस्क मरीज जैसे हार्ट व डायबिटीज से पीड़ितों का इलाज भी इससे सुरक्षित होता है।
इस तकनीक के बारे में लोगों को फिलहाल पता नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विधि से ट्यूमर को भी आपरेट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस विधि का जल्द वे अहमदाबाद में आयोजित कांफ्रेंस में भी लाइव डेमो दिखाएंगे।
क्या होता है प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट एक प्रकार की ग्रंथि है। ये द्रव्य बनाती है, जिसमे शुक्राणु (स्पर्म) होते हैं। प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है, जिसका आकार अखरोट जैसा होता है।
यह बीमारी बिगड़ती लाइफ स्टाइल की वजह से होती है। कोलेस्ट्राल से मोटापा बढ़ता है और उससे हार्मोन इन्बैलेंस हो जाता है।
यदि यह शुरुआती दिनों में पता चल जाए तो निश्चित रूप से इसे ठीक किया जा सकता है। 40 की उम्र होते ही इसकी जांच हर पुरुष को करवानी चाहिए।
इन पुरुषों में ज्यादा संभावना
1. 50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुष
2. यदि पिता व भाई को प्रोस्टेट कैंसर हुआ हो
3. मटन, घी व दूध का बहुत ज्यादा सेवन करने वालों को
ये होते हैं लक्षण
1. बार-बार पेशाब आना। खासकर रात में
2. पेशाब करने में दिक्कत आना।
3. रुक-रुक कर पेशाब आना।
4. पेशाब करते वक्त दर्द व जलन होना
5. वीर्य व पेशाब में खून आना
6. कूल्हे, जांघ की हड्डियों व पीठ में लगातार दर्द होना