फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   proposal of Jat protest for reservation now postponed, leaders announcement

आरक्षण के लिए प्रस्तावित आंदोलन स्थगित, जाट नेताओं ने की घोषणा

Fri, 03 Jun 2016 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Fri, 03 Jun 2016 08:35 PM IST
विज्ञापन
proposal of Jat protest for reservation now postponed, leaders announcement
हरियाणा सरकार के साथ जाट नेताओं की बैठक - फोटो : amar ujala

हरियाणा की खाप पंचायतों ने पांच जून को हरियाणा में होने वाले जाट आंदोलन को स्थगित कर दिया है। खाप पंचायतों के इस फैसले के बाद सरकार ने चैन की सांस ले ली है। पंचायतों ने सरकार से आरक्षण को लेकर अदालत में मजबूत पैरवी करने और जाटों पर दर्ज मुकदमों पर रिव्यू करने के लिए कहा है।

विज्ञापन


इस पर प्रदेश सरकार तैयार हो गई है। सरकार ने कहा है कि कोर्ट में तो मजबूत पैरवी होगी और जाटों पर दर्ज मुकदमों पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों की पहचान करके उनको मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। यह निर्णय पंचकूला सेक्टर-14 स्थित किसान भवन में करीब 50 खाप पंचायत के प्रतिनिधियों और हरियाणा सरकार के सिंचाई और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बीच हुई बैठक में लिया गया।
विज्ञापन


बैठक के बाद खाप पंचायत आल इंडिया जाट महासभा के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह ने बताया कि जाट आरक्षण को लेकर सरकार के साथ वार्ता सफल रही। इस वार्ता में हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर स्टे हटवाने के लिए विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग थी कि सरकार हाईकोर्ट में स्टे को हटवाए और इसके अतिरिक्त जाटों पर दर्ज केस को वापस लिया जाए। इसके अतिरिक्त जिन मृतकों को मुआवजे से वंचित रखा गया है उनको भी मुआवजा दिया जाए। इस मामले में ओपी धनखड़ ने नरमी दिखाते हुए सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने के लिए खाप पंचायतों से समय मांगा गया है, जिस पर खाप पंचायतें तैयार हैं, लेकिन पंचायतों ने रुख स्पष्ट कर दिया है कि वह आरक्षण लेकर रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा के कृषि और सिंचाई मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि फिलहाल जाट नेता पांच जून के आंदोलन को स्थगित करने के लिए मान गए हैं। लेकिन यदि फिर भी किसी संगठन ने प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश की तो सरकार पूरी तरह तैयार है। धनखड़ ने कहा कि आंदोलन के दौरान मारे गए निर्दोषों की पहचान करके उनको मुआवजा देने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सरकार के निर्णय के अनुसार उनको दस लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

किसी भी निर्दोष को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, जो निर्दोष पुलिस ने पकड़े हैं उनके केस वापस लेने पर विचार किया जाएगा। खाप पंचायतों और सरकार के बीच बातचीत के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि प्रदेश में सद्भावना बनाए रखने के लिए खाप पंचायतों ने आंदोलन स्थगित कर लिया है। जाट नेताओं के हरेक फैसले को पूरा करने के लिए कटिबद्ध है।

सांसद राज कुमार सैनी के बयान पर जाट नेता काफी आक्रोशित द‌िख्‍ाे

proposal of Jat protest for reservation now postponed, leaders announcement
हरियाणा सरकार के साथ जाट नेताओं की बैठक - फोटो : amar ujala

जाटों ने सरकार से यह भी कहा है कि जो जातियां लेयर के नीचे हैं उनको आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। सिर्फ जाट ही आरक्षण नहीं चाहते हैं बल्कि प्रत्येक गरीब को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। युद्धवीर ने कहा कि आरक्षण के नाम पर जाटों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जो गलत है।

खाप नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि शरारती तत्वों ने जाटों को बदनाम करने के लिए आंदोलन का फायदा उठाया। जाटों का तोड़फोड़ और हिंसा में कोई हाथ नहीं है। यह सब कुछ शरारती तत्वों ने किया है, जिनकी पहचान जरूरी है। यह शरारती तत्व पिछले डेढ़ साल से प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए रणनीति तैयार कर रहे थे, जिसका जाट आंदोलन के दौरान फायदा उठाया गया।

जाटों ने कहा कि अबकी बार वह पूरी तरह सतर्क हैं। प्रदेश में किसी भी प्रकार की अशांति फैलने नहीं दी जाएगी। युवाओं को समझाया जाएगा कि प्रदेश में भाईचारा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो जाट समुदाय आंदोलन की बात कर रहे हैं उनको भी समझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आरक्षण को लेकर जो शांति पूर्ण धरने चल रहे हैं वह लगातार जारी रहेंगे।

मीटिंग में हुई गर्मा गर्मी जैसे ही जाट नेताओं के बीच बातचीत शुरू हुई तो हाईकोर्ट के स्टे को लेकर सरकार द्वारा कमजोर पक्ष रखने को लेकर मंत्री और जाट नेताओं के बीच जमकर गहमागहमी हुई। लगभग सवा तीन घंटे तक चली वार्ता में बीच बीच में भी दोनों पक्षों के बीच ऊंचे स्वर बंद कमरे से बाहर सुनाई देते रहे। मंत्री ने नरम रुख अपनाया, जिससे वार्ता सफल हो सकी। बैठक में खाप नेताओं, मंत्री और भाजपा अध्यक्ष के अतिरिक्त किसी को भीतर जाने की इजाजत नहीं थी।

राज कुमार सैनी पर हुई चर्चा जाटों पर राज कुमार सैनी के लगातार तीखे प्रहारों पर भी जाट नेता काफी आक्रोशित दिखे। जिस पर सरकार की ओर से कहा गया कि उसके बयानों को नजरअंदाज किया जाए।

यह खाप और प्रतिनिधि रहे मौजूद सर्वजातीय खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष नफे सिंह नैन, राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, इंद्र सिंह हुड्डा, इंद्र सिंह मोर, अखिल भारतीय जाट महासभा के जोगिंदर संधू, अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश मान, दहिया खाप पंचायत के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया, मलिक खाप के जगबीर मलिक और कंडेला खाप के टेकराम खंडेला, हुडा खाप के इंद्र सिंह हुड्डा और धर्मपाल हुड्डा, चौबीसी खाप के हरदीप। इसके साथ ही चौरासी, खाप, जबरदस्त संघर्ष समिति के दलबीर जगलान, सतगांवा खाप के प्रकाश सुनारिया, अहलावत खाप के जय सिंह मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed