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प्रापर्टी नाम होने के बाद मां-बाप को तंग किया तो छिन जाएगी
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार।
Updated Thu, 21 Apr 2016 04:05 PM IST
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
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प्रॉपर्टी अपने नाम करवाने के बाद बुजुर्ग मां-बाप को धक्के मारकर घर से बाहर करने वाली औलाद अब माता-पिता के जीते जी कभी उस प्रॉपर्टी पर हक नहीं जमा पाएगी। पिता अपनी औलाद या अपने खून के रिश्ते में आने वाले किसी सदस्य को दी हुई प्रॉपर्टी उनके प्रताड़ना होने पर कभी भी वापस ले सकते हैं। समाज कल्याण मंत्रालय ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त को इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित विभागों में नियम लागू करने के लिए लिखा है।
मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि वरिष्ठ नागरिकों की प्रॉपर्टी स्थानांतरित करने पर धारा 23 का जरूर ध्यान रखना है। प्रॉपर्टी नाम करवाते समय यानी डीड करवाते समय यह उल्लेख करना जरूर है कि वह अपने बेटे, पौत्र या अन्य को इस शर्त पर जमीन दे रहा है कि वह उसका जीवन भर भरण पोषण, सभी तरह की जरूरतें सहूलियतें एवं शारीरिक जरूरतों की आपूर्ति करेगा। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो कभी भी अपनी जमीन वापस ले लेने का अधिकार रखेंगे।
किस नियम के तहत वापस ली जा सकेगी प्रॉपर्टी
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 23 के तहत जमीन जायदाद वापस ले सकते हैं। इस नियम के तहत ट्रांसफर की गई जमीन या जायदाद, गिफ्ट की गई प्रॉपर्टी या अथवा बिना पैसे नाम करवाई गई जायदाद अपने नाम वापस ट्रांसफर हो सकती है।
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मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि वरिष्ठ नागरिकों की प्रॉपर्टी स्थानांतरित करने पर धारा 23 का जरूर ध्यान रखना है। प्रॉपर्टी नाम करवाते समय यानी डीड करवाते समय यह उल्लेख करना जरूर है कि वह अपने बेटे, पौत्र या अन्य को इस शर्त पर जमीन दे रहा है कि वह उसका जीवन भर भरण पोषण, सभी तरह की जरूरतें सहूलियतें एवं शारीरिक जरूरतों की आपूर्ति करेगा। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो कभी भी अपनी जमीन वापस ले लेने का अधिकार रखेंगे।
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किस नियम के तहत वापस ली जा सकेगी प्रॉपर्टी
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 23 के तहत जमीन जायदाद वापस ले सकते हैं। इस नियम के तहत ट्रांसफर की गई जमीन या जायदाद, गिफ्ट की गई प्रॉपर्टी या अथवा बिना पैसे नाम करवाई गई जायदाद अपने नाम वापस ट्रांसफर हो सकती है।
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रख सकेंगे भत्ते का प्रावधान भी
प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
जायदाद मालिक चाहे तो जमीन स्थानांतरण यानी अपनों के नाम करने की एवज में वे भरण पोषण भत्ता लेने का अधिकारी भी रख सकते हैं। जायदाद के मालिक की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी के भरण पोषण की भी शर्त रखी जा सकती है।
वॉयलेंस हो तो ट्रिब्यूनल में ले जाया जा सकता है मामला
सरकार ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत तहसील स्तर पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। जो बुजुर्ग या माता-पिता खर्च उठाने में असमर्थ हैं वे अपने बच्चों से भरण पोषण का अधिकार रखते हैं। कहीं वॉयलेंस हो रहा हो तो माता-पिता मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर या किसी संस्था अथवा किसी अन्य व्यक्ति के उठाने पर जायदाद वापस ट्रांसफर हो सकती है।
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कमिश्नर कार्यालय नया सर्कुलर मिला है। इसके तहत अब बुजुर्ग माता-पिता उन्हें तंग करने वालों से उनके नाम करवाई गई संपत्ति वापस ले सकेंगे।
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम
वॉयलेंस हो तो ट्रिब्यूनल में ले जाया जा सकता है मामला
सरकार ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत तहसील स्तर पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। जो बुजुर्ग या माता-पिता खर्च उठाने में असमर्थ हैं वे अपने बच्चों से भरण पोषण का अधिकार रखते हैं। कहीं वॉयलेंस हो रहा हो तो माता-पिता मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर या किसी संस्था अथवा किसी अन्य व्यक्ति के उठाने पर जायदाद वापस ट्रांसफर हो सकती है।
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कमिश्नर कार्यालय नया सर्कुलर मिला है। इसके तहत अब बुजुर्ग माता-पिता उन्हें तंग करने वालों से उनके नाम करवाई गई संपत्ति वापस ले सकेंगे।
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम