{"_id":"5eeb8ee58ebc3e431b2fbcf2","slug":"property-tax-relief-on-commercial-buildings-in-13-villages-chandigarh-news-pkl378565128","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूटी प्रशासन ने 13 गांवों को कॉमर्शियल इमारतों पर प्रॉपर्टी टैक्स में दी राहत, नहीं वसूला जाएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूटी प्रशासन ने 13 गांवों को कॉमर्शियल इमारतों पर प्रॉपर्टी टैक्स में दी राहत, नहीं वसूला जाएगा
Fri, 19 Jun 2020 12:39 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 12:39 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
यूटी प्रशासन ने 13 गांवों के हजारों लोगों को राहत दे दी है। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने 13 गांवों की कॉमर्शियल इमारतों पर लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स से फिलहाल छूट दे दी है। गांवों के लोगों ने प्रशासक से मांग की थी कि लॉकडाउन की वजह से सभी परेशान हैं, इसलिए अभी उनसे प्रॉपर्टी टैक्स न वसूला जाए।
जिन 13 गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाना था, वे सभी हाल ही में नगर निगम में शामिल हुए हैं। इनमें गांव किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खनमाजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं। जब तक ये गांव प्रशासन के अंतर्गत थे, तब तक यहां के निवासियों पर हाउस और प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगता था।
प्रॉपर्टी टैक्स से छूट की मांग के लिए भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मिला था और प्रॉपर्टी टैक्स को फिलहाल टालने की मांग की थी। गौरतलब है कि 13 गांव पिछले साल प्रशासन ने नगर निगम को ट्रांसफर किए थे। अभी तक इन गांवों में नगर निगम की ओर से कोई ज्यादा विकास नहीं किया गया है, लेकिन अप्रैल में इन गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स लगा दिया था।
विज्ञापन
इन 13 गांवों की कॉमर्शियल इमारतों के मालिकों से 6.60 रुपये प्रति स्क्वायर फुट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स चार्ज किया जाना है।
विज्ञापन
जिन 13 गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाना था, वे सभी हाल ही में नगर निगम में शामिल हुए हैं। इनमें गांव किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खनमाजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं। जब तक ये गांव प्रशासन के अंतर्गत थे, तब तक यहां के निवासियों पर हाउस और प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगता था।
विज्ञापन
प्रॉपर्टी टैक्स से छूट की मांग के लिए भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मिला था और प्रॉपर्टी टैक्स को फिलहाल टालने की मांग की थी। गौरतलब है कि 13 गांव पिछले साल प्रशासन ने नगर निगम को ट्रांसफर किए थे। अभी तक इन गांवों में नगर निगम की ओर से कोई ज्यादा विकास नहीं किया गया है, लेकिन अप्रैल में इन गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स लगा दिया था।
विज्ञापन
इन 13 गांवों की कॉमर्शियल इमारतों के मालिकों से 6.60 रुपये प्रति स्क्वायर फुट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स चार्ज किया जाना है।