फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Property Ownership Certificate shall now online

गुड न्यूज, प्रॉपर्टी का ऑनरशिप सर्टिफिकेट अब मिलेगा ऑनलाइन

Wed, 01 Jun 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 01 Jun 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
Property Ownership Certificate shall now online
बीरेंद्र स‌िंह - फोटो : file photo

जल्द ही प्रापर्टी का ऑनरशिप सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलने लगेगा। इसके लिए यूटी प्रशासन कन्क्ल्यूसिव टाइटलिंग रिजाइम नाम के नए सिस्टम को अपनाने जा रहा है। यह नया सिस्टम शुरू करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर होगा।

विज्ञापन


 केंद्र सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सिस्टम शुुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट का पूरा बजट भी केंद्र सरकार ही देगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बिरेंद्र सिंह ने लैड रिसोर्सेज सेक्रेटरी विजय मदान के साथ नए सिस्टम को शुरू करने की तैयारियों पर यूटी गेस्ट हाउस में अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री बिरेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी दी। डीसी कम एस्टेट अफसर अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि पहले फेज के तीन सेक्टरों का काम अगले दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद सभी सेक्टरों को कवर किया जाएगा।
विज्ञापन


इस नए सिस्टम के तहत एस्टेट ऑफिस प्रापर्टी टाइटल का ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करेगा। यह सर्टिफिकेट प्रापर्टी पर किसका अधिकार है इसकी पूरी जानकारी देगा। इसके अलावा फाइल नंबर, साइट का पता, मालिक का नाम, पिता/पति का नाम, अथराइज व्यक्ति के हस्ताक्षर व नाम, प्रापर्टी से जुड़ा आधार नंबर और इसके सभी हिस्सेदारों का प्रतिशत भी दर्शाएगा। यूनिक लैंड पार्सल आईडी भी सर्टिफिकेट पर होगी। जिस सेक्टर में प्रापर्टी है उस सेक्टर का मैप सर्टिफिकेट के पीछे बना होगा। प्रापर्टी साइट जूम होगी उसकी चारों दिशाओं में प्रापर्टी भी दिखाई दे रही होगी। जियोग्रॉफिकल इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) में सेटेलाइट की मदद से यह मैप बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्टिफिकेट से मिलेगी मोर्टगेज की जानकारी
इस सर्टिफिकेट से मोर्टगेज संबंधी जानकारी भी मिल जाएगी। इसका यूनिक फीचर यह भी है कि यह डिजिटली साइन होगा। इस पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करते ही इसके टाइटल की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इतना ही नहीं इंटीग्रेशन के तहत सब रजिस्ट्रार ऑफिस से भी इसे जोड़ा जा रहा है। जहां सेल डीड और ट्रांसफर इत्यादि होती हैं।

फायदे
इस नए डिजिटल सर्टिफिकेट से धोखाधड़ी रुकेगी साथ ही पारदर्शिता भी आएगी। सेल डीड या ट्रांसफर करवाते समय एस्टेट ऑफिस जाए बिना पूरी जानकारी मिल जाएगी। अभी लोगों को जानकारी केलिए पटवारी और तहसीलदार के चक्कर लगाने होते हैं। नए सिस्टम से इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

एंक्रोचमेंट रुकेगी
जीआईएस मैप से प्रापर्टी के चारों ओर की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। कभी भी उस प्रापर्टी को कहीं से भी देखा जा सकेगा। एंक्रोचमेंट की स्थिति में तुरंत जाकर रोका जा सकेगा।


पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश का एक-एक गांव भी होगा डिजिटल
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ में तो प्रापर्टी टाइटल दिए ही जा रहे हैं। एडवाइजर परिमल राय को साथ लगते तीनों प्रदेशों के एक-एक गांव में भी यह सिस्टम शुरू करने में सहयोग के  लिए कहा गया है। धीरे-धीरे पूरे देश में यह नया सिस्टम लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed