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'अच्छे समीक्षक मिलेंगे तभी अच्छी बनेंगी फिल्में'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 03 Mar 2014 12:55 PM IST
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पंजाबी फिल्मों के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अच्छे समीक्षकों की जरूरत है ताकी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में भी अच्छी फिल्में बन सकें। ये बात प्रसिद्ध लेखक और एक्टर राणा रणबीर ने रविवार दोपहर यहां एक रेस्टोरेंट में कही। राणा फिल्म यारा दा कैचअप की प्रमोशन के लिए आए हुए थे।
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प्रमोशन में उनके साथ फिल्म एक्टर वरुण शर्मा, हार्डी संधू, युविका चौधरी, फिल्म के निर्देशक अभय छाबड़ा और लेखक रुबीना भी शामिल हुईं। फिल्म जुलाई में रिलीज होगी। फिल्म की लेखिका रुबीना ने कहा की फिल्म में लड़कियों के किरदारों को भी अहमियत दी गई है और एक नए पन के साथ पेश किया गया है।
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अच्छा लगता है लोग चूचे के नाम से जानते हैं : वरुण
प्रमोशन के दौरान फिल्म के एक्टर वरुण शर्मा को फिल्म फुकरे में अभिनय करने के लिए मिले स्टार गिल्ड अवार्ड और जी सिने अवार्ड (हास्य अभिनेता की कैटेगरी में) के लिए भी बधाई दी गई। वरुण ने कहा कि एक एक्टर सिर्फ एक्टर होता है, वह किसी भी भाषा में अभिनय कर सकता है।
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खुशी होती है की लोगों ने चूचे को इतना पसंद किया कि लोग मेरे असली नाम की जगह मुझे चूचे से ही बुलाते हैं। किसी किरदार का अमर हो जाना बहुत जरूरी है, इसका मतलब है कि आपने अच्छा काम किया है।
वरुण ने बताया कि वे जलधर में पले बड़े हुए और बचपन में शाहरुख खान के गाने ये काली काली आंखें पर बहुत डांस करते थे। 12वीं क्लास तक आते आते पता लग गया था कि पायलट नहीं बन पाऊंगा, इसलिए चंडीगढ़ के आईटीएफटी में फिल्म मेकिंग का कोर्स कर लिया और इंटर्नशिप के दौरान मुंबई चला गया।