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देश में सेना की आयुध फैक्ट्रियों में 3 दिन की हड़ताल, सारा उत्पादन ठप...खड़ा हुआ बड़ा संकट
Thu, 24 Jan 2019 01:34 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 24 Jan 2019 01:34 PM IST
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भारतीय सेना
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देश में सेना की सभी आयुध फैक्ट्रियों के कर्मचारी सरकार की रक्षा संबंधी नीतियों से नाराज होकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण वहां कामकाज ठप हो गया है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) और ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज यूनियन ने सेना से जुड़े 275 उत्पादों की खरीद बाहर से करने के विरोध में यह कदम उठाया है। देश भर में अभी रक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ 41 आयुध फैक्ट्रियां हैं। जिनमें एम्यूनेशन, डिफेंस केबल समेत सेना से जुड़े करीब 675 उत्पादों को तैयार किया जाता है।
इनमें से 90 फीसदी सप्लाई सेना को की जाती है, जबकि शेष 10 प्रतिशत सप्लाई अन्य फोर्सेज को किया जाता है। वर्कर्स यूनियन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मुकेश सिंह ने बताया कि इनमें से सरकार ने अब लगभग 275 आइटम्स को नॉन कोर कर दिया है। यानी इन आइटमों की सेना अब प्राइवेट विक्रेताओं से भी खरीद सकती है। इन आइटमों में छोटे स्तर के एम्यूनेशन से ट्रूप्स कंफर्ट उत्पाद जैसे वर्दी, जुराबें, जूते, टेंट, कंबल, पैराशूट आदि शामिल है।
उन्होंने बताया कि इन आइटम्स के नॉन कोर होने के बाद कानपुर, हजरतपुर टूंडला (आगरा के पास), शहाजहांपुर और चेन्नई चारों आयुध फैक्ट्रियों का अस्तित्व खतरे में है, क्योंकि सेना के लिए ट्रूप्स कंफर्म आइट्म्स इन्हीं फैक्ट्रियों में सबसे ज्यादा तैयार होते हैं। इन फैक्ट्रियों के लिए अब अपना वजूद बचाने का संकट हैं। उन्होंने कहा कि ये संवेदनशील मामला है कि सेना की वर्दी समेत अन्य आइटम अब प्राइवेट कंपनियां सेना को सप्लाई करेंगी। यह सेना की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इसलिए वर्कर इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।
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इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा रहेगा, साथ ही ऐसा करने से आयुध फैक्ट्रियां भी बंद हो जाएगी और कर्मचारियों के रोजगार पर तलवार लटक जाएगी। उनके अनुसार आयुध फैक्ट्रियों का कामकाज एकदम ठप नहीं किया गया है। इस बारे में यूनियनों ने सरकार को चेतावनी दी थी। रक्षा मंत्रालय के कुछ आला अफसरों से बातचीत भी हुई थी। जिसमें उन्होंने ऐसा न करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन उसके बावजूद वादाखिलाफी हुई।
चंडीगढ़ में डिपो पर प्रदर्शन
चंडीगढ़ स्थित रक्षा मंत्रालय की आर्डिनेंस केबल फैक्टरी में भी तीन दिन के लिए कामकाज ठप हो गया है। विभिन्न कर्मचारी यूनियन के नेताओं जोगेंद्र सूरी, धर्मेंद्र कुमार सिंह, हरेंद्र सिंह, महासचिव, कर्मचंद, गुलशन कुमार, शशि, दिनेश, सतेंद्र सिंह, सुभाष चंद, जितेंद्र गांधी, जागीर सिंह, शिवकुमार, हरप्रीत सिंह, विनोद कल्सी, जसबीर सिंह आदि ने कहा कि उक्त मुद्दे के अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली, पेंडिंग पडे़ एक्सग्रेसिया केस, रिक्त पदों पर भर्ती, ट्रेड अप्रेंटिस करने वालों को रोजगार देने की मांगों को लेकर भी हड़ताल कर रहे हैं। इन कर्मचारियों ने डिपो के आगे प्रदर्शन भी किया।
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इनमें से 90 फीसदी सप्लाई सेना को की जाती है, जबकि शेष 10 प्रतिशत सप्लाई अन्य फोर्सेज को किया जाता है। वर्कर्स यूनियन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मुकेश सिंह ने बताया कि इनमें से सरकार ने अब लगभग 275 आइटम्स को नॉन कोर कर दिया है। यानी इन आइटमों की सेना अब प्राइवेट विक्रेताओं से भी खरीद सकती है। इन आइटमों में छोटे स्तर के एम्यूनेशन से ट्रूप्स कंफर्ट उत्पाद जैसे वर्दी, जुराबें, जूते, टेंट, कंबल, पैराशूट आदि शामिल है।
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उन्होंने बताया कि इन आइटम्स के नॉन कोर होने के बाद कानपुर, हजरतपुर टूंडला (आगरा के पास), शहाजहांपुर और चेन्नई चारों आयुध फैक्ट्रियों का अस्तित्व खतरे में है, क्योंकि सेना के लिए ट्रूप्स कंफर्म आइट्म्स इन्हीं फैक्ट्रियों में सबसे ज्यादा तैयार होते हैं। इन फैक्ट्रियों के लिए अब अपना वजूद बचाने का संकट हैं। उन्होंने कहा कि ये संवेदनशील मामला है कि सेना की वर्दी समेत अन्य आइटम अब प्राइवेट कंपनियां सेना को सप्लाई करेंगी। यह सेना की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इसलिए वर्कर इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।
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इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा रहेगा, साथ ही ऐसा करने से आयुध फैक्ट्रियां भी बंद हो जाएगी और कर्मचारियों के रोजगार पर तलवार लटक जाएगी। उनके अनुसार आयुध फैक्ट्रियों का कामकाज एकदम ठप नहीं किया गया है। इस बारे में यूनियनों ने सरकार को चेतावनी दी थी। रक्षा मंत्रालय के कुछ आला अफसरों से बातचीत भी हुई थी। जिसमें उन्होंने ऐसा न करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन उसके बावजूद वादाखिलाफी हुई।
चंडीगढ़ में डिपो पर प्रदर्शन
चंडीगढ़ स्थित रक्षा मंत्रालय की आर्डिनेंस केबल फैक्टरी में भी तीन दिन के लिए कामकाज ठप हो गया है। विभिन्न कर्मचारी यूनियन के नेताओं जोगेंद्र सूरी, धर्मेंद्र कुमार सिंह, हरेंद्र सिंह, महासचिव, कर्मचंद, गुलशन कुमार, शशि, दिनेश, सतेंद्र सिंह, सुभाष चंद, जितेंद्र गांधी, जागीर सिंह, शिवकुमार, हरप्रीत सिंह, विनोद कल्सी, जसबीर सिंह आदि ने कहा कि उक्त मुद्दे के अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली, पेंडिंग पडे़ एक्सग्रेसिया केस, रिक्त पदों पर भर्ती, ट्रेड अप्रेंटिस करने वालों को रोजगार देने की मांगों को लेकर भी हड़ताल कर रहे हैं। इन कर्मचारियों ने डिपो के आगे प्रदर्शन भी किया।