SGPC Election: एसजीपीसी चुनाव की तैयारियां शुरू, 21 अक्तूबर से शुरू होगा नए वोट बनाने का काम
एसजीपीसी चुनाव के लिए नए वोट बनाने और मतदाता सूचियों को सही करने की प्रक्रिया 21 अक्तूबर से शुरू होगी। सीएम भगवंत मान ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्दी ही डिटेल जारी की जाएगी।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के चुनाव करवाने की तैयारियों को हरी झंडी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि वोटर सूचियों में संशोधन करने और नई वोट बनाने की प्रक्रिया 21 अक्तूबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि इस कदम से चुनाव करवाने के लिए रास्ता साफ होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई शिरोमणि कमेटी सिखों के मामलों की बागडोर संभाले।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अस्थायी प्रधान वाली अंतरिम कमेटी संस्था का कामकाज चला रही है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख सिख संस्था के चुनाव जल्द करवाना सुनिश्चित बनाएगी। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिखों की प्रतिष्ठित संस्था अब अपने आकाओं के हाथों की कठपुतली बन गई है। बदकिस्मती से इस सर्वोच्च संस्था के फैसले अकाली लीडरशिप द्वारा पहले ही ले लिए जाते हैं।
मान ने कहा कि आधुनिक युग के महंतों को बाहर निकालने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने की जरूरत है। इस संस्था के सभी फैसले बादल परिवार ही लेता है और लागू करवाता है। शिरोमणि कमेटी के मामलों में निजी दखल देकर संगतों के हितों को चोट पहुंचाई जा रही है। बुद्धिमान लोग ऐसे मानवता के दुश्मन लोगों को कभी भी माफ नहीं करेंगे।
मान चुनाव लड़ना चाहें तो स्वागत हैः शिअद
एसजीपीसी चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के एलान के तुरंत बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि वह अगर एसजीपीसी का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उनका स्वागत है लेकिन इसके लिए वह केजरीवाल से इजाजत ले लें। शिअद की ओर से कहा गया- जहां तक एसजीपीसी के चुनाव के लिए वोट बनाने का सवाल है, ये हिदायतें तो 25 मई 2023 को ही जारी हो चुकी थीं और उसके बाद प्रक्रिया शुरू करना सरकार का फर्ज है। इसमें आपके अनावश्यक बयान का क्या मतलब है? शिअद एसजीपीसी चुनाव का हमेशा स्वागत करता है और हमारी तैयारी भी पूरी है।
12 साल पहले हुआ था एसजीपीसी का चुनाव
सिखों की प्रमुख संस्था एसजीपीसी का विधिवत चुनाव 12 साल पहले वर्ष 2011 में हुआ था। उसके बाद यह चुनाव अमृतधारी बनाम सहजधारी सिख वोटरों के मुद्दे पर अदालती लड़ाई में उलझ गया। सहजधारी सिखों को वोट का अधिकार नहीं देने की मांग उठाई गई थी। यह विवाद अब अदालती फैसले के बाद समाप्त हो चुका है लेकिन एसजीपीसी के चुनाव नहीं कराए जा सके और संस्था का कामकाज अब तक कार्यकारी कमेटी ही संभालती रही। इस साल गुरुद्वारा आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एसएस सारों की नियुक्ति के बाद पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ के गृह सचिवों को पत्र लिखकर मतदाता सूची बनाने का निर्देश दिया था।
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰੂਦਵਾਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੀਆਂ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਉਡੀਕੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਜਾਣਕਾਰੀ.. 21 ਅਕਤੂਬਰ 2023 ਤੋਂ ਨਵੀਆਂ ਵੋਟਾਂ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਵੋਟਰ ਸੂਚੀਆਂ ਦੀ ਸੁਧਾਈ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ..ਬਾਕੀ ਵੇਰਵੇ ਜਲਦੀ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) October 4, 2023