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पेट डॉग के लिए समस्या समाधान टीम ने दिया सुझाव

Fri, 31 Jan 2020 02:33 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 02:33 AM IST
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Problem solving team gave suggestions for stomach dog
मनीमाजरा। चंडीगढ़ के पेट डॉग बायलॉज बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम ने लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी थीं। इस पर समस्या-समाधान टीम ने सुझाव व आपत्तियां नगर निगम को लिखित रूप में दी हैं। अपने सुझावों की मुख्य बातें बताते हुए समस्या-समाधान टीम के संयोजक मनोज शुक्ला व परवीन ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जब पहली दफा कुत्ते की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए फाइल जमा करवाए तो उसकी रजिस्ट्रेशन करने से पहले रजिस्ट्रेशन अथारिटी द्वारा नियुक्त किया अधिकारी उस व्यक्ति के घर जाकर जांच करके रिपोर्ट करे। इसके आधार पर रजिस्ट्रेशन किया जाए।
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इस जांच में अधिकारी आवेदक के घर पर व्यक्तिगत रूप में जाकर यह सुनिश्चित करे कि जो व्यक्ति अपने कुत्ते के लिए रजिस्ट्रेशन मांग रहा है क्या उसके पास कुत्ता रखने के लिए उपयुक्त खाली जगह है, क्या उस व्यक्ति की इतनी आमदनी है कि वो कुत्ते का पालन पोषण, दवा और टीके आदि का खर्चा आसानी से उठा सकता है। अगर कुत्ता हिंसक प्रजाति का है तो उसके रहने के लिए अलग स्थान है या नहीं। कुत्ते द्वारा की गई गंदगी आदि को मालिक साफ करवाएगा और हर रोज कुत्ते को घुमाने के लिए वो कौन सा रूट इस्तेमाल करेगा। उसको रजिस्ट्रेशन देने से पहले दो पड़ोसियों से भी बयान लिए जाएं कि उन्हें कोई दिक्कत या परेशानी नहीं है। भविष्य में कुत्ता किसी भी तरह की जानी या माली नुकसान करेगा तो यह लोग समर्थ अधिकारी को सूचित करेंगे और कुत्ते का रजिस्ट्रेशन खारिज करवाएंगे। दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि कुत्ते का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एकमुश्त फीस लेने के बजाय वार्षिक और एकमुश्त, दोनों आधार पर होनी चाहिए।
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वहीं, समस्या-समाधान टीम के शक्ति श्रीवास्तव व शिशुपाल ने बताया कि हमारे देश में बहुत अच्छे कानून हैं, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत उसको लागू करने में आती है, क्योंकि रूल तोड़ने वालों पर निगरानी करने और उसको नियंत्रण करने वाले कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। इस कानून को लागू करने में भी यही दिक्कत आएगी क्योंकि कर्मचारियों कि संख्या बहुत कम है और चंडीगढ़ शहर का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है। किसी भी पालतू या लावारिस कुत्ते द्वारा रूल तोड़ने की शिकायत करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर के अलावा वॉट्सएप नंबर और ईमेल आईडी भी होना चाहिए। उस पर कोई भी नागरिक वीडियो और फोटो भेज कर शिकायत दर्ज करा सके।
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