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Chandigarh News: भाई की पीठ पर नियुक्ति पत्र लेने पहुंची प्रिया, ललित ने आंखें खोईं, नहीं मानी हार

Sat, 26 Jul 2025 01:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jul 2025 01:39 AM IST
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Priya reached to get the appointment letter on her brother's back, Lalit lost his eyes but did not accept defeat

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चंडीगढ़। दुनिया में कोई काम असंभव नहीं, बस हौसला और मेहनत की जरूरत है। इस कहावत को तीन ऐसे शिक्षकों ने पूरा किया जो दुनिया की चुनौतियों का सामना कर रहे थे। यह तीनों सेक्टर-9 के यूटी सचिवालय में नियुक्ति पत्र लेने पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश के शामली से आई प्रिया तरार ने बताया कि उनके लिए इस मुकाम पर पहुंचना आसान नहीं था। 5 साल बाद उन्हें यह कामयाबी मिली है।
इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का बड़ा हाथ है। उनका भाई अजीत तरार उन्हें अपनी पीठ पर बिठाकर स्कूल लेकर जाता था। नियुक्ति पत्र लेने भी वह भाई की पीठ पर बैठकर पहुंची। उन्होंने कहा कि कई बार हौंसला गिरा लेकिन भाई ने हमेशा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
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दोस्तों की सहायता से पहुंचते थे स्कूल: दिल्ली से आए रघुवंश ने बताया कि 2020 में उन्होंने तैयारी करना शुरू किया था। 5 साल के बाद उन्हें कामयाबी हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्हें बहुत सी चुनौतियां का सामना करना पड़ा। स्कूल में दोस्तों का सहारा लेकर वह पहुंचने थे। उनके पिता एक किसान थे, परिवार की स्थिति भी इतनी अच्छी नहीं थी। उनके परिवार में वह पहले हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है।
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70 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांट: मुख्य सचिव राजीव वर्मा, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़ में 70 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे। राजीव वर्मा ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार ही नहीं करते बल्कि भावी पीढ़ियों का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि 993 शिक्षकों की भर्ती करने की मंजूरी मिली थी जिसमें से 737 की नियुक्ति हो चुकी है। इन में 38 स्पेशल एजुकेटर हैं।

नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाया जाएगा। इतनी नियुक्तियां 25 वर्षों के बाद हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाते नहीं है बल्कि अच्छे नागरिक बनाने में भी सहायता करते हैं। शिक्षा बच्चों को सीखने की जिज्ञासा पैदा करने में सहायक होती है। शिक्षा साधना है और सभी नए शिक्षक इस साधना में अग्रसर हो चुके हैं।
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