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निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब: अब कार्रवाई का इंतजार

Tue, 26 Apr 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Apr 2016 01:50 AM IST
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private publishers books in school: now education department will take action
स्कूल - फोटो : demo

चंडीगढ़ के कई प्राइवेट स्कूलों ने निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने, कैंपस में बुकशॉप खोलने और खुद मनमाने रेट पर ड्रेस बेचने के मामले में यूटी प्रशासन को ठेंगा दिखा दिया है। 18 प्राइवेट स्कूलों ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की ओर से 16 अप्रैल को जारी नोटिस का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।

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प्राइवेट स्कूलों की इस हरकत के बाद भी यूटी प्रशासन के अधिकारी अभी डिफाल्टर स्कूलों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि डिफाल्टर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई को लिखा जाएगा।
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 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस का जवाब देने के लिए शिक्षा विभाग बार-बार तारीख बढ़ाता रहा। दो बार नोटिस का जवाब देने के लिए रिमाइंडर भी प्राइवेट स्कूलों को भेजा गया, लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने अधिकारियों के आदेशों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया।
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निजी पब्लिशर्स की किताबों को लेकर जारी नोटिस का जवाब नहीं देने वाले स्कूलों में स्ट्रॉबेरी फील्ड सेक्टर-26, डीएवी मॉडल स्कूल-15, रायन इंटरनेशनल स्कूल जैसे शहर के कई बड़े स्कूलों के नाम शामिल हैं।

सात एडेड स्कूलों में से एक का ही जवाब आया: गौरतलब है कि सोमवार को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की ओर से जारी नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि थी, सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 18 स्कूलों द्वारा नोटिस का जवाब न दिए जाने की सूचना आला अधिकारियों को भेज दी है। डीईओ दफ्तर में शहर के 73 प्राइवेट स्कूलों में से 55 ने नोटिस का जवाब दिया है। 7 एडेड प्राइवेट स्कूलों में से 1 ही स्कूल का जवाब पहुंचा है। 
 
डिटेल रिपोर्ट बनाने में जुटा डीईओ दफ्तर: प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शहर के अभिभावकों में जबरदस्त गुस्सा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास सैकड़ों की संख्या में मेल, मैसेज और फोन कॉल्स से शिकायतें आ रहीं हैं। सूत्रों के अनुसार डायरेक्टर स्कूल एजुेकशन के आदेशों पर डीईओ दफ्तर ने सोमवार सुबह से ही नोटिस का जवाब देने वाले सभी स्कूलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी थी। यह काम देर शाम तक जारी रहा। रिपोर्ट में शिक्षा विभाग द्वारा नोटिस में मांगी गई जानकारी का प्रत्येक स्कूल के बारे में विस्तार से विवरण और टिप्पणी तैयार की जा रही है। 

7 एडेड स्कूलों को नोटिस भेजना भूला प्रशासन

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स्कूल बैग - फोटो : demo pics

इन स्कूलों ने नहीं दिया जवाब 
-डीएवी मॉडल स्कूल-15, श्री गुरु गोबिंद सिंह कोलिजिएट स्कूल-26, एसडी पब्लिक स्कूल सेक्टर-32, बाल निकेतन मॉडल स्कूल-37, रायन इंटरनेशनल स्कूल-49, स्ट्रॉबेरी फील्ड वर्ल्ड स्कूल-26, एमडीएवी हाई स्कूल-22, ट्रिब्यून मॉडल स्कूल-29, आंचल इंटरनेशनल स्कूल-41, ब्रिटिश स्कूल-44, चंडीगढ़ बेपटिस्ट स्कूल-45, आरआईएमटी स्कूल मनीमाजरा, सीएल अग्रवाल डीएवी स्कूल-7, एसडी पब्लिक स्कूल-19, एसडी सैणी स्कूल-38, पेरागॉन कॉन्वेंट स्कूल-24, लिटल फ्लावर स्कूल मनीमाजरा, ग्रिन केस्टल स्कूल -47 

6 एडेड स्कूलों को ईमेल से नोटिस भेजा गया: डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने डिप्टी डायरेक्टर स्कूल को सभी प्राइवेट, कॉन्वेंट और एडेड स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग शहर के 7 एडेड प्राइवेट स्कूलों को नोटिस देना भूल गया। इन स्कूलों को विभाग की ओर से 95 फीसदी ग्रांट दी जाती है। 7 एडेड स्कूलों में से सिर्फ सेक्टर-21 स्थित देव समाज स्कूल ने जिला शिक्षा अधिकारी को सारी जानकारी उपलब्ध कराई है। सोमवार को बचे हुए 6 एडेड स्कूलों को ईमेल से नोटिस भेजा गया है।

विनय आर सूद, जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़ ने बताया कि 18 प्राइवेट स्कूलों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है। एक-दो दिन तक रिपोर्ट डीएसई को सौंप दी जाएगी। इसकेबाद ही नोटिस की जवाब न देने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई का फैसला उच्च अधिकारी करेंगे।  

रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों को सोमवार तक रिपोर्ट देनी थी। अभी डीईओ से पूरे मामले की रिपोर्ट नहीं आई है, जिन स्कूलों ने रिपोर्ट भेजी है। उसकी भी पूरी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को तैयार करने के लिए कहा गया है। नोटिस का जवाब न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई को भी लिखा जाएगा।
 
सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव यूटी ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों के मामले को डीएसई देख रहे हैं। स्कूलों पर कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट आने के बाद ही नियमों के तहत फैसला लिया जाएगा। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई को लिखा जा सकता है।

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