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स्मार्ट बनाने के चक्कर में निजी कंपनियों ने खोद डाला शहर, अधिकारी अनजान
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चंडीगढ़। शहर को स्मार्ट बनाने के चक्कर में निजी कंपनियां सभी जगह मनमाने तरीके से खुदाई कर रही हैं और निगम के अफसर अनजान हैं। बीते सोमवार को नगर निगम सदन की बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया तो भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों का भी गुस्सा फूट पड़ा। पार्षदों ने कहा कि एक ही जगह पर कई बार खुदाई के लिए कौन सा विभाग अनुमति देता है और इसे ठीक करने की जिम्मेदारी किसकी है? आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि सदन में कोई भी सवाल पूछना है तो बैठक से 48 घंटे पहले इसकी सूची देनी चाहिए, ताकि अफसर उसके जवाब के साथ आ सकें।
पार्षदों का कहना है कि आए दिन निजी कंपनियां सड़कों, रोड गलियों, डिवाइडरों और फुटपाथ को तोड़कर केबल डालने का काम करती रहती हैं। एक बार काम होने के दौरान लोग थोड़ी परेशानी झेल भी लेते हैं, लेकिन कंपनियां बार-बार उसी जगह पर खुदाई करके काम करती हैं और फिर उस जगह को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। लोग गड्ढे में गिरते हैं, कीचड़ में फिसलते हैं और कई लोगों की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, लेकिन इससे अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्षदों ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाना अच्छा है, लेकिन इसके एवज में लोगों को परेशानी हो तो वह सुविधा किस काम की।
बातचीत
बारिश के दौरान पानी की निकासी ही नहीं होगी
निजी कंपनियां चेंबर में पाइप डाल रही हैं। इसकी अनुमति की जानकारी किसी को नहीं है। पाइप डालने से चेंबर में मिट्टी जम रही है। इससे चेंबर ब्लॉक हो जाएंगे। बारिश के दौरान इसमें से पानी नहीं निकलेगा और सड़कों पर पानी भरेगा। गांव को छोड़कर शहर में 60 प्रतिशत जगह यह पाइप डाले जा रहे हैं।
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- योगेश ढींगरा, पार्षद, आप
बार-बार खुदाई के लिए अनुमति कौन देता है
सेक्टर-28 में कंपनी ने एक जगह सड़क किनारे खुदाई की थी। उसके बाद वहां ऐसे ही छोड़ दिया। एक बुजुर्ग फिसलकर गिर गए और उन्हें चोट आई। सेक्टर 27 व 28 में एक ही जगह पर इतनी खुदाई की गई है कि लोग अब शिकायत करने लगे हैं। इस संबंध में कंपनियों को अनुमति देने व खुदाई के बारे में अफसरों के पास जवाब भी नहीं है।
- हरप्रीत कौर बबला, पार्षद, भाजपा
पूरा सेक्टर-11 खोदकर डाला है
सेक्टर-11 में जगह-जगह पेबर ब्लॉक टूटे मिलेंगे और गड्ढे मिलेंगे। यहां कई बार सड़क को खोदकर केबल डालने का काम किया जा रहा है। कंपनी वालों से कहो तो कहते हैं, इसकी फीस जमा हो गई है और मरम्मत का काम निगम का है। निगम में पूछो तो किसी को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों को छला जा रहा है।
- सचिन गालव, पार्षद, कांग्रेस
अफसरों के पास भी जवाब नहीं
मेरे वार्ड में इतनी जगह खुदाई हो चुकी है। जब निगम में बार-बार होने वाली खुदाई के बारे में पूछो तो कहते हैं कि एक बार अनुमति दी गई थी। जब खुदाई के काम पूरा हुआ तो समय से उस जगह की निगम ने मरम्मत नहीं कराई। दूसरी बार खुदाई के बारे में चेक नहीं किया। फिर कंपनी से किस बात की फीस ली जाती है।
- हरदीप सिंह, पार्षद, शिरोमणि अकाली दल
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में बुधवार को एसई बीएंडआर के साथ बैठक बुलाई है। इसके बाद शनिवार को भी तीनों एक्सईएन के साथ बैठक होगी। जनता को कोई समस्या न आए इसके लिए समस्या का बेहतर ढंग से निराकरण करेंगे।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम
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पार्षदों का कहना है कि आए दिन निजी कंपनियां सड़कों, रोड गलियों, डिवाइडरों और फुटपाथ को तोड़कर केबल डालने का काम करती रहती हैं। एक बार काम होने के दौरान लोग थोड़ी परेशानी झेल भी लेते हैं, लेकिन कंपनियां बार-बार उसी जगह पर खुदाई करके काम करती हैं और फिर उस जगह को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। लोग गड्ढे में गिरते हैं, कीचड़ में फिसलते हैं और कई लोगों की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, लेकिन इससे अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्षदों ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाना अच्छा है, लेकिन इसके एवज में लोगों को परेशानी हो तो वह सुविधा किस काम की।
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बारिश के दौरान पानी की निकासी ही नहीं होगी
निजी कंपनियां चेंबर में पाइप डाल रही हैं। इसकी अनुमति की जानकारी किसी को नहीं है। पाइप डालने से चेंबर में मिट्टी जम रही है। इससे चेंबर ब्लॉक हो जाएंगे। बारिश के दौरान इसमें से पानी नहीं निकलेगा और सड़कों पर पानी भरेगा। गांव को छोड़कर शहर में 60 प्रतिशत जगह यह पाइप डाले जा रहे हैं।
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- योगेश ढींगरा, पार्षद, आप
बार-बार खुदाई के लिए अनुमति कौन देता है
सेक्टर-28 में कंपनी ने एक जगह सड़क किनारे खुदाई की थी। उसके बाद वहां ऐसे ही छोड़ दिया। एक बुजुर्ग फिसलकर गिर गए और उन्हें चोट आई। सेक्टर 27 व 28 में एक ही जगह पर इतनी खुदाई की गई है कि लोग अब शिकायत करने लगे हैं। इस संबंध में कंपनियों को अनुमति देने व खुदाई के बारे में अफसरों के पास जवाब भी नहीं है।
- हरप्रीत कौर बबला, पार्षद, भाजपा
पूरा सेक्टर-11 खोदकर डाला है
सेक्टर-11 में जगह-जगह पेबर ब्लॉक टूटे मिलेंगे और गड्ढे मिलेंगे। यहां कई बार सड़क को खोदकर केबल डालने का काम किया जा रहा है। कंपनी वालों से कहो तो कहते हैं, इसकी फीस जमा हो गई है और मरम्मत का काम निगम का है। निगम में पूछो तो किसी को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों को छला जा रहा है।
- सचिन गालव, पार्षद, कांग्रेस
अफसरों के पास भी जवाब नहीं
मेरे वार्ड में इतनी जगह खुदाई हो चुकी है। जब निगम में बार-बार होने वाली खुदाई के बारे में पूछो तो कहते हैं कि एक बार अनुमति दी गई थी। जब खुदाई के काम पूरा हुआ तो समय से उस जगह की निगम ने मरम्मत नहीं कराई। दूसरी बार खुदाई के बारे में चेक नहीं किया। फिर कंपनी से किस बात की फीस ली जाती है।
- हरदीप सिंह, पार्षद, शिरोमणि अकाली दल
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में बुधवार को एसई बीएंडआर के साथ बैठक बुलाई है। इसके बाद शनिवार को भी तीनों एक्सईएन के साथ बैठक होगी। जनता को कोई समस्या न आए इसके लिए समस्या का बेहतर ढंग से निराकरण करेंगे।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम