फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Private bus operators of Punjab opposed the tax collection of Transport Department

पंजाब: परिवहन विभाग की टैक्स वसूली का विरोध, निजी आपरेटरों ने कहा- सरकार की लोक लुभावन योजनाओं से हो रहा घाटा

Thu, 14 Oct 2021 04:04 PM IST
ajay kumar अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 Oct 2021 04:04 PM IST
सार

टैक्स वसूली के खिलाफ पंजाब के निजी बस आपरेटरों ने अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि कोरोना काल के बाद डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ें हैं लेकिन किराया नहीं बढ़ाया गया। सरकार की लोक लुभावन योजनाओं ने भी घाटा पहुंचाया है। ऐसे में आपरेटरों ने राहत की मांग की है।  

विज्ञापन
Private bus operators of Punjab opposed the tax collection of Transport Department
निजी बस आपरेटरों ने की प्रेसवार्ता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिवहन विभाग की टैक्स वसूली के विरोध में पंजाब के निजी बस आपरेटर उतर चुके हैं। उनका कहना है कि सरकार की लोक लुभावन योजनाओं से उन्हे घाटा हो रहा है। उन्होंने बसों के रख रखाव का समय चार दिनों के बजाय आठ दिन किए जाने सहित कई मांगों को सरकार के सामने रखा है।

विज्ञापन


चंडीगढ़ प्रेस क्लब में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में पंजाब मोटर यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि परिहवन सेक्टर सरकार को राजस्व प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण सेक्टर है। इसके जरिए सवा लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है लेकिन कुछ सालों से यह सेक्टर लगातार घाटे में जा रहा है। कोरोना ने समस्याओं को और बढ़ा दिया है।
विज्ञापन


कोरोना के शुरूआत में डीजल जहां 63 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध था। वहीं अब इसकी कीमत 94 रुपये से भी ज्यादा हो गई है। इसके अतिरिक्त पंजाब सरकार की कुछ लोक लुभावन नीतियां भी निजी बस ऑपरेटरों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। मिसाल के तौर पर हाल ही में पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए बस सेवा बिल्कुल मुफ्त कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब सरकार के इस फैसले से सरकार की लोकप्रियता भले ही बढ़ी होगी लेकिन बस ऑपरेटरों के लिए यह कदम संपूर्ण विनाश लेकर आया है। यूनियन के सचिव राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि जहां डीजल की कीमतें 32 रुपये बढ़ गई हैं वहीं किराये में एक बार भी वृद्धि नहीं की गई है। इसका खामियाजा न केवल निजी क्षेत्र को भुगतना पड़ रहा है बल्कि सरकार की अपनी
बसों का घाटा भी निरंतर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि 31 मार्च 2022 तक टैक्स को माफ कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार आज के दिन 2.69 पैसे प्रति लीटर के दर से मोटर व्हीकल टैक्स वसूल रही है जिसे बड़ी आसानी के साथ कम किया जा सकता है क्योंकि डीजल के दाम बढऩे से सरकार को वैट में 2.27 पैसे प्रति किलोमीटर का फायदा हो रहा है।


बस आपरेटर सोशल सिक्योरिटी सेस को समाप्त किये जाने और एमनेस्टी स्कीम को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाये जाने की मांग भी कर रहे हैं। बाजवा ने मांग की है कि बसों की रख रखाव के लिए दिये गये चार दिनों के समय को आठ दिन किया जाए। इस वक्त जो मोटर व्हीकल टैक्स लम-सम वसूला जा रहा है, उसे भी मौजूदा स्थिति के मद्देनजर कम किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed