{"_id":"39a5b59441e1b72ab094d27ac6507b7f","slug":"prisoner-escaped-from-court-arrested-from-rajasthan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ कोर्ट से फरार चौथा कैदी राजस्थान से काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ कोर्ट से फरार चौथा कैदी राजस्थान से काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ जिला अदालत से एक साथ फरार चार कैदियों में चौथे कैदी को क्राइम ब्रांच ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पकड़े गए कैदी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर दो दिनों का रिमांड लिया है। क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह ने बताया कि पकड़ा गया चौथा कैदी विक्की है। उससे भागने की वजह, तरीका और सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
प्राथमिक पूछताछ में कैदी ने बताया कि कोर्ट से फरारी के बाद वह मौका पाकर राजस्थान निकल गया था। इसी दौरान अखबारों के माध्मय से तीन अन्य कैदियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी मिली। उधर पुलिस के मुताबिक इंस्पेक्टर गुरमुख की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने राजस्थान में रेड करके आरोपी को काबू कर लिया।
विज्ञापन
इससे पहले कैदी शाहने आलम को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से, सेक्टर-48 से पंकज व सेक्टर-43 से अबरार खान को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी है। गौरतलब हो कि घटना जिला अदालत में 23 सितंबर 2015 को हुई थी। वहां अबरार खान, शाहने आलम, पंकज और विक्की को अलग-अलग मामलों में जिला अदालत में पेशी पर लाया गया था।
विज्ञापन
बक्शीखाने के रिकॉर्ड रजिस्टर के अनुसार दोपहर 2:20 पर चारों को पेशी के बाद लॉकअप डाला गया था। इसके बाद शाम पांच बजे सभी विचाराधीन और अन्य कैदियों को जेल ले जाने के लिए गाड़ी आई तो उनकी गिनती की गई। सुबह 40 कैदियों को पेशी पर लाया गया था। इनमें कुछ महिला विचाराधीन कैदी भी थी। गिनती में चार कैदी कम मिले। जांच के दौरान टायलेट की ओर से भागने का रास्ता सामने आया था।
पुलिस की जांच पर उठे थे कई सवाल
बख्शीखाने में तैनात पुलिसकर्मियों के अनुसार चारों को 2:20 पर लॉकअप रूम में डाला गया था। इसके बाद कैदी कब फरार हुए, उन्हें पता नहीं लगा। जांच में सामने आया है कि चारों लॉकअप रूम के टॉयलेट से ताला तोड़कर फरार हुए। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिला अदालत में सबसे अधिक कड़ी सुरक्षा वाली जगह से चार कैदी ताला तोड़कर कैसे फरार हो गए। वहीं जब कैदियों ने ताला तोड़ा तो किसी को भी भनक तक नहीं लगी। साथ ही जिससे ताला तोड़ा वह चीज कहां से उपलब्ध कराई गई।
ये केस थे चारों पर दर्ज
अबरार खान - चोरी का मुकदमा (सेक्टर-36 थाना)
शाहने आलम - चोरी का मुकदमा (सेक्टर-31 थाना)
पंकज - खतरनाक हथियार से हमला करना (सेक्टर-36 थाना)
विक्की - धमकाना, वसूली, जानबूझकर चोट पहुंचाने की नियत से हमला करना (सेक्टर-26 थाना)