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मासूम प्रिंस की हत्या मामले में आरोपी भोलू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
Wed, 01 Jul 2020 10:26 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 01 Jul 2020 10:26 AM IST
सार
- खराब स्वास्थ्य का बहाना बनाकर जमानत के लिए डाली थी याचिका
- हाईकोर्ट ने कहा- मेडिकल बोर्ड के अनुसार भोलू का बढ़ रहा वजन
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
विस्तार
गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में मासूम प्रिंस की हत्या के आरोपी भोलू को बड़ा झटका देते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने भोलू की ओर से दी गई इस दलील को भी खारिज कर दिया कि उसे सही माहौल में नहीं रखा जा रहा है जिसके कारण उसका स्वास्थ्य खराब हो रहा है।
गुरुग्राम के एक स्कूल में 7 साल के प्रिंस की हत्या कर दी गई थी। स्कूल बस के कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद जांच सीबीआई के पास आई और सीबीआई ने भोलू को आरोपी बनाया। भोलू की याचिका में कहा गया कि उसकी जमानत को एक वयस्क के तौर पर सुना जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अर्जी को मंजूर करते हुए याचिका पर वयस्क के तौर पर सुनवाई करने के आदेश दिए थे। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को भोलू की जमानत पर जल्द से जल्द फैसला लेने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने भोलू की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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मेडिकल बोर्ड के अनुसार भोलू स्वस्थ है और उसका वजन बढ़ रहा है। इसलिए स्वास्थ्य खराब होने की उसकी दलील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
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गुरुग्राम के एक स्कूल में 7 साल के प्रिंस की हत्या कर दी गई थी। स्कूल बस के कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद जांच सीबीआई के पास आई और सीबीआई ने भोलू को आरोपी बनाया। भोलू की याचिका में कहा गया कि उसकी जमानत को एक वयस्क के तौर पर सुना जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अर्जी को मंजूर करते हुए याचिका पर वयस्क के तौर पर सुनवाई करने के आदेश दिए थे। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को भोलू की जमानत पर जल्द से जल्द फैसला लेने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने भोलू की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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मेडिकल बोर्ड के अनुसार भोलू स्वस्थ है और उसका वजन बढ़ रहा है। इसलिए स्वास्थ्य खराब होने की उसकी दलील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
गवाहों पर दबाव बना सकता है आरोपी
इसके साथ ही शिकायतकर्ता पक्ष और सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने माना कि यदि जमानत का लाभ दिया गया तो कुछ गवाह, जो अभी बच्चे हैं, उन पर दबाव बनाया जा सकता है। शिकायतकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि आरोपी के परिजन बहुत प्रभावशाली लोग हैं और इसी के चलते पहले भोलू की जगह कंडक्टर को आरोपी बना दिया गया था ।
कोर्ट के आदेश पर आरोपी और मृतक के बदले गए नाम
आरोपी के परिजनों ने कोर्ट में ये भी गुहार लगाई थी कि मीडिया में आरोपी और मृतक का असली नाम प्रकाशित किया जा रहा है। इससे आरोपी की पहचान जाहिर होती है। कोर्ट ने उनकी याचिका का निपटारा करते हुए मृतक को प्रिंस और आरोपी को भोलू नाम दिया था।
साथ ही सीबीआई हाईकोर्ट को पहले भी बता चुकी है कि आरोपी भोलू किस मनोवृत्ति का था। वह अश्लील फिल्में देखता था और जहर को लेकर भोलू ने कई तरह की सर्च की थी और सबूत मिटाने को लेकर नेट पर भी सर्च की थी।
कोर्ट के आदेश पर आरोपी और मृतक के बदले गए नाम
आरोपी के परिजनों ने कोर्ट में ये भी गुहार लगाई थी कि मीडिया में आरोपी और मृतक का असली नाम प्रकाशित किया जा रहा है। इससे आरोपी की पहचान जाहिर होती है। कोर्ट ने उनकी याचिका का निपटारा करते हुए मृतक को प्रिंस और आरोपी को भोलू नाम दिया था।
साथ ही सीबीआई हाईकोर्ट को पहले भी बता चुकी है कि आरोपी भोलू किस मनोवृत्ति का था। वह अश्लील फिल्में देखता था और जहर को लेकर भोलू ने कई तरह की सर्च की थी और सबूत मिटाने को लेकर नेट पर भी सर्च की थी।